रांची रेलवे स्टेशन पर मदर्स डे के दिन मानवता और बहादुरी की मिसाल देखने को मिली. रांची मंडल में मंडल सुरक्षा आयुक्त पवन कुमार के निर्देश पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) लगातार अलर्ट मोड में तैनात था. इसी दौरान आरपीएफ की महिला कांस्टेबल साविता गारी ने अपनी सूझबूझ और साहस से एक महिला यात्री की जान बचाकर ऑपरेशन जीवन रक्षा को सफल बनाया. इस घटना ने स्टेशन पर मौजूद यात्रियों को भावुक कर दिया और महिला सिपाही की बहादुरी की जमकर सराहना हुई.
दरअसल, ट्रेन संख्या 18611 रांची-बनारस एक्सप्रेस स्टेशन से खुलने वाली थी. उसी समय एक यात्री अपनी पत्नी और छोटे बच्चे के साथ जल्दबाजी में ट्रेन पर चढ़ने की कोशिश कर रहा था. हड़बड़ी के बीच महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच के गैप में गिर गई. ट्रेन चलने लगी और महिला प्लेटफॉर्म के साथ घसीटने लगी, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई.
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स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी थी और महिला की जान पर खतरा मंडरा रहा था. इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात लेडी कांस्टेबल साविता गारी ने बिना देर किए तत्काल कार्रवाई की और महिला को मजबूती से पकड़ लिया.
सूझबूझ और साहस से बची जान
साविता गारी ने चलती ट्रेन के बीच बेहद जोखिम भरे हालात में महिला को थामे रखा. ट्रेन पूरी तरह रुकने तक उन्होंने अपनी पकड़ ढीली नहीं होने दी. उनकी तत्परता और साहस के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और महिला की जान सुरक्षित बच गई.
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घटना के बाद स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने राहत की सांस ली और महिला सिपाही की बहादुरी की खुले दिल से प्रशंसा की. इस घटना ने रेलवे सुरक्षा बल की सतर्कता और तत्परता को भी उजागर किया.
मदर्स डे पर मिला सबसे बड़ा तोहफा
इस घटना का भावनात्मक पहलू भी लोगों को छू गया. जिस महिला की जान बचाई गई, वह अपने छोटे बच्चे के साथ यात्रा कर रही थी. आरपीएफ की महिला जवान ने अपनी बहादुरी से उस बच्चे को मदर्स डे का सबसे बड़ा तोहफा दिया, उसकी मां की जिंदगी बचाकर.
इस घटना ने यह साबित कर दिया कि सतर्कता, साहस और समय पर लिया गया फैसला किसी की भी जिंदगी बचा सकता है. रेलवे स्टेशन पर मौजूद लोगों के लिए यह घटना लंबे समय तक यादगार बनी रहेगी.