scorecardresearch
 

कोरोना: श्मशान घाट में भीड़, '40 घंटे से खड़ा हूं, पिता का अंतिम संस्कार नहीं हो रहा'

एक मृतक के पुत्र रमेश तिर्की ने कहा कि वह पिछले 40 घंटे से अपने पिता के दाह संस्कार के लिए खड़े हैं, कहीं से कोई मदद नहीं मिल रही है. बहुत परेशानी हो रही है. वहीं, शवों को लेकर अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचे एंबुलेंस के ड्राइवर भी काफी परेशान हो गए. गर्मी में उन्हें घंटों पीपीई किट में ही रहना पड़ रहा है.

झारखंड में श्मशान घाट के बाहर का नजारा झारखंड में श्मशान घाट के बाहर का नजारा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • झारखंड में तेजी से पैर पसार रहा कोरोना
  • श्मशान घाट पर लगी लाइनें
  • एंबुलेंस के ड्राइवर भी परेशान

दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े शहरों के बाद अब देश के बाकी हिस्सों में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है. झारखंड में कोरोना बेकाबू हो रहा है. एक तरफ संक्रमित मरीजों की संख्या तेज गति से बढ़ती जा रही है, वहीं मरने वालों का आंकड़ा भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. अब हालात यह हो गई है कि अस्पतालों में भर्ती कराने से लेकर श्मशान घाट तक वेटिंग ही वेटिंग मिल रही है. कब्रिस्तान से लेकर शमशान तक मृतकों के दाह संस्कार के लिए उनके परिजन परेशान हैं. एक मृतक के पुत्र ने कहा कि वे पिछले 40 घंटे से अपने पिता के दाह संस्कार के लिए खड़े हैं, कहीं से कोई मदद नहीं मिल रही. 

झारखंड में कोरोना के इलाज के लिए पहले हॉस्पिटल्स में बेड का इंतजार और अब दाह संस्कार के लिए भी लाइन लगानी पड़ रही है. राजधानी रांची में कुछ ऐसे ही हालात बन गए हैं. शवों को श्मशान घाट ले जाया जा रहा है, लेकिन लंबे इंतजार के बाद ही उनका अंतिम संस्कार हो पा रहा. 

रविवार रात की स्थिति बहुत ही खराब हो गई. हरमू स्थित श्मशान घाट में कोरोना संक्रमित कुल 13 शव लाये गये. यहां कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों के शवों का गैस क्रिमेटोरियम में दाह संस्कार किया जा रहा है. लेकिन मशीन में आई खराबी की वजह से शवों का अंतिम संस्कार नहीं हो सका. मृतक के परिजन शवों को लेकर घंटों श्मशान घाट के मुख्य दरवाजे के पास खड़े रहे. काफी मशक्कत के बाद देर रात जिला प्रशासन के निर्देश के बाद इन शवों को घाघरा ले जाकर अंतिम संस्कार कराया गया. 

मृतक के परिजन

एक मृतक के पुत्र रमेश तिर्की ने कहा कि वह पिछले 40 घंटे से अपने पिता के दाह संस्कार के लिए खड़े हैं, कहीं से कोई मदद नहीं मिल रही है बहुत परेशानी हो रही है. वहीं, शवों को लेकर अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचे एंबुलेंस के ड्राइवर भी काफी परेशान हो गए. गर्मी में उन्हें घंटों पीपीई किट में ही रहना पड़ रहा है. मृतक के परिजनों के साथ वे भी शवों को लेकर उनके अंतिम संस्कार का इंतजार करते दिखे.

रांची में मृतकों का आंकड़ा पिछले 10 दिनों में काफी बढ़ गया है. एक से लेकर 10 अप्रैल के बीच कुल 36 लोगों की मौत की पुष्टि जिला प्रशासन ने की है. यह सभी रांची के निवासी थे अगर हम झारखंड की बात करें तो मौत का आंकड़ा 100 को पार कर गया है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें