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झारखंड: हजारीबाग में हाथियों का आतंक, 24 घंटे में पांच लोग बने गुस्से का शिकार

देश में एक आंकड़े के मुताबिक बीते सात साल में 3310 लोगों की मौत हाथियों के हमले में हुई है. इनमें सबसे ज्यादा मौत ओडिशा में दर्ज है. उसके बाद बंगाल, असम, छत्तीसगढ़ और झारखंड.

झारखंड में हाथियों का आतंक (सांकेतिक फोटो) झारखंड में हाथियों का आतंक (सांकेतिक फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हजारीबाग में हाथियों का आतंक
  • पिछले 24 घंटे में पांच लोगों की गई जान

हजारीबाग में हाथियों का आतंक देखने को मिल रहा है. पिछले 24 घंटे में हाथियों ने 5 लोगों की जान ले ली है. झारखंड प्रदेश में दुमका से लेकर कोल्हान समेत पलामू प्रमंडल तक सभी इलाके जंगली हाथियों से प्रभावित हैं.

देश में एक आंकड़े के मुताबिक, बीते सात साल में 3310 लोगों की मौत हाथियों के हमले में हुई है. इनमें सबसे ज्यादा मौत ओडिशा में दर्ज है. उसके बाद बंगाल, असम, छत्तीसगढ़ और झारखंड.अब तक ओडिशा में 589 और झारखंड में 480 मौतें हो चुकी हैं. दुमका से लेकर कोल्हान और छोटानागपुर से लेकर पलामू तक हाथियों का आतंक है. हजारीबाग में बीते 24 घंटो में 5 लोग हाथियों के शिकार हो चुके हैं.

दरअसल, जब झारखंड अलग राज्य बना तो यहां सड़क मार्ग और रेल मार्ग का जबरदस्त विस्तारीकरण हुआ और वन काट दिए गए. मानव आबादी एलीफैंट कॉरिडोर के बीच आने लगा. लिहाजा गुस्से में हाथी हमला करने लगे. जमशेदपुर के घाटशिला जो बंगाल का बॉर्डर है वहां पर बंगाल सरकार ने गड्ढे खुदवा दिए. जिससे हाथी का कॉरिडोर बाधित हुआ और गुस्सा किसानों के खेत और लोगों पे निकलना शुरू हुआ. दलमा से बंगाल के फ्री पैसेज में रुकावट आयी जिससे हाथियों में नाराजगी है.

हाथी ने कुचलकर मारा

इन दिनों हाथियों का आतंक हजारीबाग के कई इलाकों में देखने को मिल रहा है. हाथी अब शहरी इलाकों में भी आ रहे हैं. एक हाथी अपने झुंड से बिछड़कर, शहर से 10 किलोमीटर दूर डेमोटांड़ बिरहोर टोला पहुंच गया. उसने वहां आतंक फैला दिया. हाथी ने महावीर बिरहोर जिसकी उम्र लगभग 40 वर्ष है उससे कुचलकर मार दिया.

वहीं सोमरी बिरहोर को हाथी ने घायल कर दिया. जिसका इलाज हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शुरू किया गया है. बताया जा रहा है कि देर रात एक जंगली हाथी बिरहोर टोला में घुस गया और उसने जमकर उत्पात मचाया. बाद में वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई और उसे भगाने की कोशिश की जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि हाथी, डेमोटांड़ स्थित राइस रिसर्च सेंटर में ही  घुस गया.

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वहीं हजारीबाग के कटकमदाग प्रखंड के अडरा पंचायत के कुबा चीची गांव में जंगली हाथियों ने दो महिलाओं को कुचल कर मार दिया. एक महिला का नाम कृति कुजुर था जिसकी उम्र 35 वर्ष बताई गई है. जबकि दूसरी कबूतरी देवी, जिसकी उम्र 36 वर्ष है. इसमें कृति कुजूर कुबा गांव की रहने वाली है जबकि कबूतरी देवी चीची गांव की रहने वाली है. प्रशासन ने दोनों शवों को जब्त कर हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. 

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