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Jharkhand: रविंद्र से की शादी... मायके पहुंची तो निकला शहजाद, अब स्टेशन पर गुजार रही रात

झारखंड के रहने वाले एक युवक ने सात साल पहले यूपी के आजमगढ़ की रहने वाली एक हिंदू लड़की से मंदिर में शादी कर ली. महिला जब ससुराल पहुंची तो उसे मालूम पड़ा की युवक मुस्लिम है. अब महिला दर-दर भटक रही है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हिंदू बनकर युवक ने की थी शादी
  • राज खुलते ही मायके से भागी महिला

झारखंड के रहने वाले एक युवक पर उत्तर प्रदेश में जाकर लव जिहाद करने का आरोप लगा है. इस मुस्लिम युवक ने सात साल पहले यूपी के आजमगढ़ की रहने वाली एक हिंदू लड़की से मंदिर में शादी की थी. लड़की जब ससुराल पहुंची तो मालूम पड़ा युवक मुस्लिम है. महिला मुस्लिम टोला से भागकर गढ़वा में आ गई और न्याय की गुहार लगा रही है.

दरअसल, गढ़वा जिले के सगमा प्रखंड के कुंबा खुर्द का रहने वाले एक मुस्लिम युवक ने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में रहने वाली एक हिदू लड़की से हिंदू रीति रिवाज से मंदिर में शादी की थी, लेकिन युवती जब ससुराल सात साल के बाद आई तो उसके होश उड़ गए, क्योंकि वह लड़का हिंदू नहीं मुस्लिम निकला.

अब मुस्लिम युवक महिला को छोड़ दिया, जिससे वह दर-दर की ठोकर खा रही है. उसने उपायुक्त रमेश घोलप से न्याय की गुहार लगाई है. इससे पहले भी वह बंशीधर नगर स्थित महिला थाना व पुलिस अधीक्षक से गुहार लगा चुकी है. पीड़ित महिला उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के बेलाड़ी गांव की रहने वाली है.

क्या है महिला का आरोप?

युवक का असली नाम शहजाद अंसारी है. पीड़ित महिला ने बताया कि नौ साल पहले युवक ने खुद का नाम रविंद्र बताया था, तब वह दिल्ली में एक क्रेशर प्लांट में मजदूरी करता था, इसी दौरान वहां रह रहे मेरे रिश्तेदार भी उसी क्रेशर प्लांट में काम करते थे, रिश्तेदार से ही मेरा मोबाइल नंबर लेकर युवक बात करने लगा, धीरे-धीरे बातचीत होने लगी.

फिर नजदीकियां बढ़ गई, दिल्ली में रह रहे रिश्तेदार के यहां आने-जाने के क्रम में मुलाकात भी होती थी. करीब छह माह बाद उसने मंदिर में विवाह कर लिया. शादी के दो दिन बाद सच्चाई का पता चल गई, फिर वह मुझे अपने गांव ले आया. मगर वहां कुछ दिन रहने के बाद मैं वापस अपने घर लौट गई.

शहजाद अंसारी भी मेरे साथ ही मायके में ही अलग से किराए के मकान लेकर रहने लगा. करीब आठ वर्ष तक वह वहीं पर रहा. मगर क्रेशर प्लांट बंद होने के बाद वह वापस अपने गांव कुंबा लौट आया और भरण-पोषण के लिए पैसा देना बंद कर दिया. वहीं जब मैं शहजाद के घर आई तो मारपीट करने लगा. बंशीगर नगर के महिला थाना में शिकायत की.

इस दौरान शहजाद ने भरण-पोषण के लिए पैसा देने के लिए तैयार हो गया. मगर मुझे यहां से वापस अपने गांव लौटते ही पैसा देने से मुकर गया और साथ रखने से भी मना कर दिया. इसकी शिकायत अप्रैल माह में पुलिस अधीक्षक गढ़वा से भी की थी, मगर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई. महिला गढ़वा रेलवे स्टेशन पर रहकर न्याय के लिए दर-दर भटक रही है.

 

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