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बूढ़ा पहाड़ को किया था 'नक्सल मुक्त', अब मिलेगा स्पेशल ऑपरेशन मेडल

बूढ़ा पहाड़ 1990 के दशक से नक्सलियों के कब्जे में था. तब वहां घने जंगल हुआ करते थे. झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ ने 'ऑपरेशन ऑक्टोपस' चलाकर इसे 'नक्सल मुक्त' किया था. अब इनको सम्मानित किया जाएगा.

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'ऑपरेशन ऑक्टोपस' में शामिल पुलिस और CRPF कर्मी होंगे सम्मानित
'ऑपरेशन ऑक्टोपस' में शामिल पुलिस और CRPF कर्मी होंगे सम्मानित

झारखंड का बूढ़ा पहाड़ इलाका इसी साल की शुरुआत में नक्सल मुक्त हो चुका है. वहां बीते 32 साल से नक्सलियों का कब्जा था. इस काम को झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ ने 'ऑपरेशन ऑक्टोपस' चलाकर अंजाम दिया था. अब इस ऑपरेशन में शामिल पुलिसवालों को केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से सम्मान मिलेगा.

बूढ़ा पहाड़ को नक्सलियों से मुक्त करवाने वाले झारखंड के पुलिस अधिकारी, पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ के अधिकारियों को 'स्पेशल ऑपरेशन मेडल' से सम्मानित किया जाएगा.

यह भी पढ़ें - ऑपरेशन ऑक्टोपस, बुलबुल और थंडर... Red Terror से 'बूढ़ा पहाड़' के आजाद होने की कहानी

बता दें कि बूढ़ा पहाड़ बीते 32 साल से नक्सलियों के कब्जा में था. इसी साल वहां 'सरकार' के कदम पड़े हैं. इससे पहले तक इसे बेहद दुर्गम क्षेत्र माना जाता था, जहां पहुंचना आसान नहीं था.

सम्मान पाने वालों में 60 से ज्यादा लोग

नक्सलियों के गढ़ में 'ऑपरेशन ऑक्टोपस' चलाने वालों में 16 पुलिस वाले (अधिकारी और कर्मी) और सीआरपीएफ के 51 पदाधिकारी शामिल हैं. इनको 'स्पेशल ऑपरेशन मेडल' से सम्मानित किया जाएगा. सम्मान पाने वाले में एडीजी और आईजी रैंक के अफसर भी शामिल हैं.

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पुलिस के मुताबिक, 1990 के दशक से बूढ़ा पहाड़ पर नक्सलियों का कब्जा था. तब स्थिति बहुत संवेदनशील थी. घने जंगल और भी ज्यादा थे. यहां हमेशा सेंट्रल कमेटी के नक्सलियों का अड्डा होता था. पुलिस ने बीच बीच में कई अभियान चलाए लेकिन कभी भी इस पहाड़ पर सुरक्षा बलों का कब्जा नहीं हो सका लेकिन इस साल जनवरी में आखिर कामयाबी मिल गई.

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