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झारखंड में अजीम प्रेमजी करेंगे 3 हजार करोड़ का निवेश, सरकार ने 150 एकड़ जमीन की दी मंजूरी

कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बताया कि मंत्रिमंडल ने इटकी में अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी को 99 साल की लीज पर 120-150 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर मंजूरी दे दी है. हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मिली मंजूरी से राज्य में करीब 3,000 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है. 

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विप्रो फाउंडर अजीज प्रेमजी (फाइल फोटो)
विप्रो फाउंडर अजीज प्रेमजी (फाइल फोटो)

झारखंड सरकार ने अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के लिए रांची में करीब 3,000 करोड़ रुपये के संभावित निवेश के लिए 150 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने के लिए मंजूरी दे दी है. अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा विकसित किया जाने वाली यूनिवर्सिटी, झारखंड में इंटरनेशनल स्तर की शिक्षा प्रदान करेगी. 

कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बताया कि मंत्रिमंडल ने इटकी में अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी को 99 साल की लीज पर 120-150 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर मंजूरी दे दी है. हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मिली मंजूरी से राज्य में करीब 3,000 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है. 

विप्रो फाउंडर ने सीएम से की थी बात 

नवंबर 2021 में सीएम हेमंत सोरेन और विप्रो फाउंडर अजीम प्रेमजी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की थी. इस दौरान अजीम प्रेमजी ने राज्य में निवेश की इच्छा जताई थी, उन्होंने कहा था कि पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में झारखंड अजीम प्रेम जी फाउंडेशन एवं विप्रो के लिए महत्वपूर्ण राज्य बनेगा.  

सीएम ने कहा था- संभावनाओं से भरा प्रदेश

उन्होंने कहा था कि अजीम प्रेमजी फाउंडेशन झारखंड में यूनिवर्सिटी, स्वास्थ्य के लिए स्टेट ऑफ द आर्ट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल और आईटी पार्क की स्थापना के लिए पूरी तरह तैयार है. इस पर सीएम सोरेन ने कहा था कि झारखंड संभावनाओं से भरा प्रदेश है. अजीम प्रेमजी फाउंडेशन और विप्रो राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेगी तो निश्चित रूप से झारखंड को कई क्षेत्रों को फायदा मिलेगा. 

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बैठक में 40 से अधिक प्रस्तावों को मंजूरी 

सीएम की अध्यक्षता में बुधवार की शाम को हुई बैठक में 40 से अधिक प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इनमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए नई भर्ती और मानदेय के दिशा-निर्देशों को मंजूरी मिली है, जिससे 70,000 से अधिका कार्यकर्ता लाभान्वित होंगे. इसके अलावा किसानों को रबी फसलों के लिए 90 फीसदी सब्सिडी पर बीज उपलब्ध कराया जाएगा. राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने झारखंड इलेक्ट्रिक वाहन नीति को भी मंजूरी दी है. 

 

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