झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को देवघर के त्रिकूट रोप-वे हादसे और लोहरदगा में हुई हिंसा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की. इस बैठक में सीएम हेमंत सोरेन ने हादसे और हिंसा में मारे गए लोगों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने का फैसला लिया है. वहीं अधिकारियों को दोनों घटनाओं में घायलों को राज्य सरकार द्वारा बेहतरीन इलाज देने के निर्देश दिए हैं.
रोप-वे हादसे में गठित होगी हाई लेवल कमिटी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैठक में रोप-वे हादसे की जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने और समिति में रोप-वे से संबंधित विशेषज्ञों को भी शामिल किए जाने का निर्देश दिया है. बैठक में रोप-वे हादसे को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने के भी आदेश दिए हैं.
त्रिकूट रोपवे हादसा तथा लोहरदगा घटना के मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि देगी राज्य सरकार। साथ ही घायल हुए लोगों को सरकारी खर्चे पर बेहतर इलाज कराया जायेगा।
त्रिकूट रोपवे हादसे की जाँच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने हेतु मैंने निर्देश दे दिया है।
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM)
आपस में टकरा गई थीं कई ट्रॉलियां
झारखंड पर्यटन विभाग के निदेशक राहुल सिन्हा ने कहा कि 10 अप्रैल को रोपवे का एक्सल उतर गया था, जिस वजह से रोप-वे बीच में ही रुक गई थी. रोप-वे की एक ट्रॉली नीचे आ रही थी, जो ऊपर जा रही ट्रॉली से टकरा गई. रोप-वे की तीन ट्रॉली के डिस्प्लेस होने और आपस में टकराने की वजह से, ऊपर की ट्रॉलियां भी हिलने लगीं. इस वजह से वो भी पत्थरों में जाकर टकरा गए, जिस वजह से हादसा हुआ. जब यह हादसा हुआ उस समय रोपवे पर 48 लोग सवार थे. उन्हें बचाने के लिए 46 घंटे तक ऑपरेशन चलाया गया. इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है.
लोहरदगा: शोभायात्रा के दौरान फैली थी हिंसा
झारखंड के लोहरदगा के हिरही-हेंदलासो-कुजरा गांव की सीमा के पास रामनवमी के मौके पर मेला लगाया गया था. इस दौरान अराजकतत्वों ने करीब 10 बाइकों और एक पिकअप वैन में आग लगा दी थी. इस घटना में 4 लोगों के घायल होने की खबर आई थी. दरअसल मेले में शोभायात्रा निकालने के दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पथराव कर दिया था. पत्थरबाजी होने से शोभायात्रा में शामिल लोग खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और देखते ही देखते हिंसा और आगजनी भी शुरू हो गई थी.
(इनपुट-अमित)