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उमर अब्दुल्ला ने की अमेरिकी राजनयिकों से मुलाकात, ट्रैवल एडवाइजरी पर फिर से विचार करने का किया आग्रह

अमेरिकी राजनयिकों ने आज नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला से उनके गुपकार निवास पर मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल में राजनीतिक मामलों के मंत्री-परामर्शदाता ग्राहम मेयर, प्रथम सचिव गैरी एप्पलगार्थ और राजनीतिक सलाहकार अभिराम शामिल थे.

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उमर अब्दुल्ला से मिले अमेरिकी राजनयिक
उमर अब्दुल्ला से मिले अमेरिकी राजनयिक

जम्मू-कश्मीर में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अमेरिकी राजनयिकों ने सोमवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने उनके आवास पर जाकर मुलााकात की. इस दौरान उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों को कम जाने की सलाह से संबंधित एडवाइजरी पर फिर से विचार करने का आह्वान किया. 

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कहा, "अमेरिकी राजनयिकों ने आज नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला से उनके गुपकार आवास पर मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल में राजनीतिक मामलों के मंत्री-परामर्शदाता ग्राहम मेयर, प्रथम सचिव गैरी एप्पलगार्थ और राजनीतिक सलाहकार अभिराम शामिल थे. बैठक में एनसी सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और संचार प्रमुख तनवीर सादिक भी शामिल थे."

अब्दुल्ला ने कही ये बात

पार्टी ने कहा, "इस दौरान जम्मू-कश्मीर और सामान्य रूप से क्षेत्र से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा हुई." बैठक के दौरान अब्दुल्ला ने प्रतिबंधों को कम करने के उद्देश्य से जम्मू-कश्मीर की ट्रैवल एडवाइजरी पर फिर से विचार करने पर जोर दिया.

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा, "उन्होंने दुनिया भर के लोगों को कश्मीर आने और इसकी खूबसूरती और संस्कृति का प्रत्यक्ष अनुभव करने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने राजनयिकों को अपने परिवारों के साथ कश्मीर आने के लिए आमंत्रित किया, ताकि अमेरिका और दुनिया के अन्य हिस्सों से आने वाले पर्यटकों में विश्वास पैदा करने के लिए पहला कदम उठाया जा सके."

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कई देशों ने कश्मीर को लेकर जारी की है ये एडवाइजरी

 दरअसल कई देशों ने अपने पर्यटकों के लिए जम्मू-कश्मीर से संबंधित ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है, जिसमें अपने नागरिकों से जम्मू-कश्मीर न जाने को कहा गया है. इस साल जुलाई में जारी ताजा ट्रैवल एडवाइजरी में अमेरिकी सरकार ने अपने नागरिकों से क्राइम और आतंकवाद के कारण भारत में अधिक सावधानी बरतने को कहा है.

एडवाइजरी में कहा गया है, "कुछ क्षेत्रों में जोखिम बढ़ गया है. आतंकवाद और  अशांति के कारण केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर (पूर्वी लद्दाख क्षेत्र और इसकी राजधानी लेह को छोड़कर) की यात्रा न करें."

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