पुलवामा आतंकी हमले को लेकर एक अहम खुलासा हुआ है. हमले से पहले भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा अधिकारियों के साथ एक मीटिंग की थी. इस मीटिंग में एजेंसी ने सुरक्षाबलों को सतर्क करते हुए कार से हमले की आशंका जताई थी. बावजूद इसके सुरक्षाबलों ने एजेंसी के इनपुट को तवज्जो नहीं दिया.
आजतक के सूत्रों ने बताया कि सीआरपीएफ सहित कई सुरक्षाबलों को सुरक्षा एजेंसियों ने कार से बम धमाके का इनपुट दिया था और कहा था कि ऐसे हमले से निपटने के लिए हमें तैयार रहना होगा. गुरुवार को पुलवामा में ठीक इसी तरह से हमले को अंजाम दिया गया. खास बात है कि अभी तक ऐसे हमले सीरिया और अफगानिस्तान में आतंकी करते थे.
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सूत्रों की मानें तो हाल ही में एक बैठक में इस तरह के खतरे को कम करने के लिए चर्चा की गई. एजेंसी और सुरक्षाबलों की मीटिंग में दो समाधान निकाले गए थे. पहला दिन में काफिले के गुजरने से पहले हाइवे पर मौजूद गाड़ियों की जांच करना. दूसरा, चर्चा की गई कि काफिले को देर रात को ले जाया जाए, क्योंकि उस समय यातायात बहुत कम होता है. बहुत कम वाहन होंगे, उन्हें तब जांचना या उन्हें रोकना आसान होगा. एजेंसियों ने मीटिंग में कहा था कि दिन के समय में काफिला नहीं ले जाना चाहिए, क्योंकि नागरिक वाहनों की संख्या को जांचना कठिन काम होगा.
बावजूद इसके सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट पर सुरक्षाबलों ने ध्यान नहीं दिया. सुरक्षा बलों के एक अधिकारी ने कहा कि यह दुर्लभ मामलों में दुर्लभ है और हाल के दिनों में इस तरह के हमले नहीं हुए हैं.
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बता दें, पुलवामा में अवंतीपोरा के गोरीपोरा इलाके में सुरक्षाबलों के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ है. इस हमले में 44 जवान शहीद हो गए है. यह कश्मीर के इतिहास का सबसे बड़ा हमला है.