मसरत आलम की रिहाई के मामले में जम्मू-कश्मीर सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट सौंप दी है. सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार मुफ्ती सरकार की ओर से दोबारा भेजी गई रिपोर्ट से भी संतुष्ट नहीं है. इस बारे में केंद्र ने कुछ और सफाई मांगी है.
केंद्र ने मुफ्ती सरकार से पूरे घटनाक्रम और इसकी परिस्थितियों के बारे में और जानकारी मांगी है. मसरत की रिहाई का मामला केंद्र की मोदी सरकार के लिए भी मुसीबत बनता जा रहा है.
इससे पहले भी केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा था कि केंद्र सरकार अलगाववादी नेता मसरत आलम की रिहाई पर जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से दी गई सफाई से संतुष्ट नहीं है. तब केंद्र ने जम्मू-कश्मीर सरकार से इस मामले पर नई रिपोर्ट मांगी थी. बाद में जम्मू-कश्मीर सरकार ने तेजी दिखाते हुए मसरत मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपी.
बहरहाल, इस बात की पूरी संभावना है कि यह मामला आने वाले दिनों और गरमाएगा. विपक्ष को बैठे-बिठाए एक बड़ा मुद्दा मिल गया है, जिससे वह आसानी से हाथ से जाने नहीं देगा.