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अफगानिस्तान में तालिबान सरकार से ISI के हौसले बुलंद, LOC पर बढ़ीं घुसपैठ की कोशिशें

आईएसआई ने पाकिस्तानी आर्मी की मदद से पाक अधिकृत कश्मीर (POK) और इंटरनेशनल बॉर्डर से आतंकी घुसपैठ के लिए जून से लेकर अगस्त तक 105 बार कोशिश की. भारतीय सुरक्षाबलों ने घुसपैठ की अधिकतर कोशिशें नाकाम कर दीं लेकिन करीब छह जगह आतंकी घुसपैठ करने में सफल भी रहे हैं.

नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिशें बढ़ीं (फाइल फोटोः पीटीआई) नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिशें बढ़ीं (फाइल फोटोः पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जून से अगस्त के बीच घुसपैठ की 105 कोशिशें
  • सीमा पर सुरक्षा बल अलर्ट पर, निशाने पर नेता

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रही. अफगानिस्तान की सत्ता पर तालिबान के काबिज होने के बाद जैसे आईएसआई को संजीवनी मिल गई हो. पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई के हौंसले इस वक्त बुलंद हैं. सूत्रों ने आजतक को एक्सक्लुसिव जानकारी दी है कि जब से अफगानिस्तान में तालिबान अपनी ताकत बढ़ा रहा था, उसी दौरान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी प्लान के तहत कश्मीर में घुसपैठ बढ़ाने के लिए जोर लगा रहा था.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आईएसआई ने पाकिस्तानी आर्मी की मदद से पाक अधिकृत कश्मीर (POK) और इंटरनेशनल बॉर्डर से आतंकी घुसपैठ के लिए जून से लेकर अगस्त तक 105 बार कोशिश की. भारतीय सुरक्षाबलों ने घुसपैठ की अधिकतर कोशिशें नाकाम कर दीं लेकिन करीब छह जगह आतंकी घुसपैठ करने में सफल भी रहे हैं. यही नहीं, सुरक्षा बलों को खुफिया एजेंसियों से ये अलर्ट भी मिला है कि आतंकवादी संगठन आईएस केपी के प्रशिक्षित आतंकवादी भारत में धमाके कर सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक अफगान पाकिस्तान बॉर्डर स्पिन बोल्डक के नजदीक मौजूद आतंकी संगठन भारत स्थित आतंकियों से संपर्क साधने में जुटे हैं. इसमें वे सोशल मीडिया का सहारा लेकर उन्हें भड़का रहे हैं.

भारत में मौजूद आतंकियों को आईईडी बनाने और छोटे हथियार खरीदने के लिए फंड पहुंचाने का आश्वासन दिया जा रहा है. खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक आईएस KP के निशाने पर राइट विंग के नेता, मंदिर, भीड़भाड़ वाली जगह और विदेशी नागरिक हैं. एक अधिकारी ने नाम सार्वजनिक नही करने की शर्त पर बताया कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी हर एक एंगल से तालिबान की ताकत को कश्मीर के लिए भुनाना चाहती है. सूत्रों की मानें तो हाल ही में कुछ वीडियो कश्मीर में इंटरसेप्ट भी किए गए हैं जिनसे ये पता चला है कि आईएसआई की सोशल मीडिया विंग कश्मीर में अफगानिस्तान के वीडियो दिखाकर लोगों को भड़काने की साजिश रच रही है.

जम्मू कश्मीर में सक्रिय करीब 200 आतंकी

हालांकि, कश्मीर के युवाओं पर इस तरह के वीडियो का कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है फिर भी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रही. एक उच्च पदस्थ सूत्र ने आजतक को बताया कि अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे से पहले ही आईएसआई की कश्मीर को लेकर सक्रियता बढ़ी है. पाकिस्तान पोषित आतंकी संगठन LeT, JeM और अल-बद्र के आतंकियों को आईएसआई पिछले तीन महीने से POK और वहां से जम्मू कश्मीर भेजने में जुटी है. सूत्र ने बताया कि इस समय जम्मू कश्मीर में लगभग 200 आतंकी सक्रिय हैं और इससे ज्यादा आतंकियों को 35 लांचपैड पर भेजा गया है जिनमें से कई तो पश्तो भाषा बोलते हैं.

आईएसआई के नापाक मंसूबे को देखते हुए भारतीय सुरक्षा बल भी लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) पर अलर्ट हैं. आईएसआई के प्रयासों को बेअसर करने के लिए भारतीय सुरक्षाबलों ने सीमा ग्रिड को और मजबूत कर दिया है. साथ ही पाकिस्तान बॉर्डर पर निगरानी भी बढ़ा दी है. सूत्रों के मुताबिक घुसपैठ करने वाले आतंकियों को कश्मीर के ओवर ग्राउंड वर्कर्स के जरिए आसानी से पनाह न मिले इसके लिए खास सुरक्षा ग्रिड के जरिए नजर रखी जा रही है.

 

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