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जम्मू-कश्मीर: बर्फीले तूफान में फंस गया था बकरवाल परिवार, भारतीय सेना ने पहुंचाई मदद

बकरवाल परिवार के समूह में चार छोटे बच्चे और तीन वयस्क थे. संगम के क्षेत्र में बालटाल सेना इकाई के एक गश्ती दल ने छुट दर्रे के पास गंगधार के आगे गश्त करते हुए फंसे हुए समूह को देखा और उनकी बस्ती की जांच और तलाशी लेने के लिए संपर्क किया. 

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मदद करते हुए भारतीय सेना के जवान मदद करते हुए भारतीय सेना के जवान
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बर्फबारी में फंस गया बकरवाल परिवार
  • सेना के जवानों ने पहुंचाई मदद

जम्मू-कश्मीर के ऊपरी इलाकों में बेमौसम बर्फबारी और बर्फीले तूफान ने कश्मीर के कई हिस्सों में खानाबदोशों और उनके पशुओं को प्रभावित किया है. एक बकरवाल परिवार पिछले दो दिनों से छुट दर्रे के पास बर्फीले तूफान में फंसा हुआ था, जिसकी भारतीय सेना के जवानों ने मदद की. 

बकरवाल परिवार के समूह में चार छोटे बच्चे और तीन वयस्क थे. संगम के क्षेत्र में बालटाल सेना इकाई के एक गश्ती दल ने छुट दर्रे के पास गंगधार के आगे गश्त करते हुए फंसे हुए समूह को देखा और उनकी बस्ती की जांच और तलाशी लेने के लिए संपर्क किया. 

फाइल फोटो

इन लोगों की अधिकतर बकरियां बर्फबारी और तूफान में मर गई थीं और जहां ये लोग रुके हुए थे, वहीं मृत पशुओं को रखे हुए थे. इन लोगों ने जो अस्थायी तम्बू खड़ा किया था. वह तूफान की तेज हवाओं में चकनाचूर हो गया था और उनके पास खाने के लिए भी कुछ नहीं था. सेना के जवानों ने पाया कि बकरवालों का ये समूह नगरोटा से आया था और हाल ही में नियंत्रण रेखा पर पहुंचा था. 

फाइल फोटो

जवानों ने ये भी पाया कि इस समूह के दोनों छोटे बच्चों को तेज बुखार हो रहा था. समूह के बड़े सदस्य के कहने पर एक बड़े के साथ बच्चों को सेना के शिविर की सुरक्षा के लिए निकालने का निर्णय लिया गया, जबकि दो बुजुर्गों ने बचे हुए पशुओं की रक्षा के लिए रहने का फैसला किया. रुके हुए व्यक्तियों को राशन और आवश्यक कपड़े उपलब्ध कराए गए. जबकि बच्चों को सीओबी के पास के क्षेत्र में ठहराया गया था, जहां उन्हें गर्म भोजन उपलब्ध कराया गया. बर्फबारी और तूफान में निकालने के लिए उन्होंने भारतीय सेना का आभार जताया. 

 

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