हिमाचल प्रदेश के सोलन में अर्की बाजार में रविवार देर रात लगी भीषण आग ने चंद मिनटों में कई परिवारों की दुनिया उजाड़ दी. चार मंजिला इमारत में लगी आग में एक आठ साल के मासूम बच्चे समेत तीन नेपाली नागरिकों की मौत हो गई, जबकि छह लोग अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है. हादसे के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार और मातम का माहौल है.
आग लगने से तीन लोगों की मौत
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक आग अर्की बाजार में यूको बैंक के पास स्थित एक चार मंजिला इमारत में रात करीब 2:45 बजे लगी. यह इमारत मिट्टी और लकड़ी से बनी हुई थी, जो आग की चपेट में आते ही पूरी तरह ध्वस्त हो गई. इमारत के भूतल और पहली मंजिल पर दुकानें थीं, जबकि तीसरी और चौथी मंजिल पर बिहार और नेपाल से आए प्रवासी परिवार रहते थे.
अर्की के विधायक संजय अवस्थी ने बताया कि आग की चपेट में आकर 10 से 15 मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है. कई परिवार बेघर हो गए हैं और कुछ लोग अभी भी लापता हैं. मृतकों और लापता लोगों की पहचान नेपाल के कर्णाली प्रांत के साल्यान जिले के नागरिकों के रूप में हुई है.
8 साल के मासूम बच्चे की भी मौत
मृतकों में एक 8 साल का बच्चा भी शामिल है, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग लगने के दौरान 6 से 7 तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि गैस सिलेंडर फटने से आग और भयावह हो गई. आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला.
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया. सोलन, नालागढ़, बनलग, अर्की, शिमला और अंबुजा प्लांट से कुल छह दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं. पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ, होमगार्ड और फायर विभाग की टीमें राहत-बचाव कार्य में जुटीं हैं. अब तक घटनास्थल से तीन शव बरामद किए जा चुके हैं. पुलिस ने लापरवाही से आग लगने के मामले में बीएनएस की धारा 287 के तहत केस दर्ज किया है.