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कॉलेज में रैगिंग के बाद सेकेंड ईयर की छात्रा पल्लवी की मौत, प्रोफेसर समेत चार के खिलाफ FIR दर्ज

धर्मशाला डिग्री कॉलेज की 19 साल की छात्रा पल्लवी की तीन महीने इलाज के बाद मौत के मामले में पुलिस ने प्रोफेसर समेत चार लोगों पर रैगिंग और यौन उत्पीड़न का केस दर्ज किया है. परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि कॉलेज प्रशासन ने उन्हें नकारा है. पुलिस वीडियो, मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है.

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तीन महीने इलाज के बाद छात्रा की मौत  (File Photo: ITG)
तीन महीने इलाज के बाद छात्रा की मौत (File Photo: ITG)

हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित डिग्री कॉलेज में रैगिंग का शिकार हुई 19 साल की छात्रा पल्लवी की इलाज के दौरान मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है. पल्लवी के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने एक प्रोफेसर और तीन छात्राओं के खिलाफ रैगिंग और यौन उत्पीड़न समेत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है. पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है.

रैगिंग के आरोपों में प्रोफेसर समेत चार नामजद

परिजनों के अनुसार, पल्लवी डिग्री कॉलेज में द्वितीय वर्ष की छात्रा थी. 18 सितंबर को कॉलेज की कुछ छात्राओं ने उसके साथ मारपीट की और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दीं. शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कॉलेज के एक प्रोफेसर अशोक कुमार ने छात्रा का यौन उत्पीड़न किया, जिसके बाद पल्लवी गहरे सदमे और अवसाद में चली गई. 

परिजनों का दावा है कि लगातार बिगड़ती मानसिक स्थिति के कारण उसका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में कराया गया, लेकिन 26 दिसंबर को लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में उसकी मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक, पल्लवी के साथ रैगिंग की घटना 18 सितंबर को हुई थी.  मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 115(2), 3(5) और हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम, 2009 की धारा 3 के तहत केस दर्ज किया गया है.

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वीडियो और मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस कर रही जांच

अशोक रतन ने बताया कि मेडिकल रिकॉर्ड, वीडियो बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है. साथ ही यह भी जांच होगी कि छात्रा का सात बड़े अस्पतालों में इलाज किस बीमारी के लिए किया गया. हालांकि, एक अहम मोड़ यह है कि परिजनों ने 20 दिसंबर को सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें न तो मारपीट और न ही प्रोफेसर पर अभद्र व्यवहार का जिक्र था. 

छात्रा की मौत के बाद दर्ज एफआईआर में वीडियो के हवाले से सभी आरोप लगाए गए हैं. पुलिस इसे भी जांच का हिस्सा बना रही है. कॉलेज प्रशासन ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है. राकेश पठानिया ने कहा कि कॉलेज में रैगिंग पर जीरो टॉलरेंस नीति है और पल्लवी की ओर से कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली. उन्होंने यह भी कहा कि पल्लवी अकादमिक कारणों से आहत थी और जुलाई 2025 के बाद कॉलेज नहीं आई थी.

उधर, पल्लवी के पिता विक्रम कुमार ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को सहपाठी छात्राएं डराती-धमकाती थीं और इसके वीडियो उनके पास मौजूद हैं. उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है.
 

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