हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के बाद गुरुवार को राज्य के राष्ट्रीय राजमार्ग 5 (हिंदुस्तान-तिब्बत रोड) सहित कुल 37 सड़कें वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दी गईं. वहीं बारिश की वजह से 57 बिजली आपूर्ति परियोजनाएं भी बाधित हो गई हैं. राज्य के कुछ हिस्सों में लगातार बारिश जारी है.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक हिमाचल के कुछ हिस्सों में मध्यम बारिश हुई और बुधवार शाम से कल्पा में 30.4 मिमी बारिश हुई, इसके बाद सांगला में 26.2 मिमी, निचार में 18.8 मिमी, मूरंग में 14.5 मिमी, समधो में 11.5 मिमी, चौपाल में 11 मिमी, भरमौर में 10 मिमी, सराहन में 9 मिमी, ताबो में 8.5 मिमी बारिश हुई. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने यहां कहा, मिमी, केलांग में 5 मिमी, मनाली और कुफरी में 4 मिमी बारिश हुई है.
वहीं किन्नौर जिले में मलिंग के पास पत्थर गिरने से एनएच 5 अवरुद्ध हो गया. अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार सुबह शिमला में 12, कांगड़ा में 10, मंडी में नौ, कुल्लू में चार और किन्नौर और सिरमौर जिले में एक-एक सड़कें बंद थीं.
स्थानीय मौसम कार्यालय ने 25 सितंबर को राज्य में अलग-अलग स्थानों पर आंधी और बिजली गिरने के लिए 'यलो' अलर्ट जारी किया है. चालू मानसून सीजन के दौरान 1 जून से 19 सितंबर तक औसत 701.7 मिमी के मुकाबले 572.9 मिमी बारिश हुई है जो कि 18 फीसदी कम है.
अधिकारियों के मुताबिक, 27 जून को राज्य में मानसून की शुरुआत के बाद से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 174 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 31 अभी भी लापता हैं. उन्होंने कहा कि राज्य को 1,331 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
लाहौल और स्पीति में ताबो 7.9 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे ठंडा स्थान था, जबकि सिरमौर जिले में धौलाकुआं 33.5 डिग्री सेल्सियस के अधिकतम तापमान के साथ सबसे गर्म स्थान था.