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मेवात: वैक्सीन लेने तैयार नहीं अफवाह के शिकार लोग, मस्जिद से करवाया जा रहा एनाउंसमेंट

नूह में करीब 87 केंद्रो पर वैक्सीन लगाने की शुरुआत हुई थी, जिनमें से कई केंद्र बंद हो गए हैं. जिले में टीकाकरण से संबंधित अधिकारी का कहना है कि कम लोग आने की वजह से करीब 2 दर्जन केंद्रों पर वैक्सीनेशन बंद करना पड़ सकता है. जो केंद्र खुले भी हैं वहां सौ फीसदी लोग नहीं पहुंच रहे हैं.

मेवात में मौलवियों की मदद ले रहा प्रशासन मेवात में मौलवियों की मदद ले रहा प्रशासन
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोरोना को लेकर अफवाहें फैली हुई हैं
  • कहीं नपुंसकता का डर, कहीं मौत का डर
  • प्रशासन जागरूकता फैलाने के लिए ले रहा सहारा
  • मस्जिद, कम्युनिटी रेडियो से की जा रही घोषणा

हरियाणा का नूह जहां वैक्सीनेशन की दर पूरे राज्य में सबसे कम है, वहां लोगों में वैक्सीन के लिए जागरूकता लाने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों ने मौलानाओं और कम्युनिटी रेडियो स्टेशन का सहारा लेना शुरू कर दिया है. जानकारी के मुताबिक गुरुग्राम और नूह में एक ही दिन टीकारण की शुरुआत हुई. 16 जनवरी से 31 मई के बीच गुरुग्राम में 6 लाख 75 हजार लोगों को वैक्सीन लगी.

रोजाना का औसत देखा जाए तो ये संख्या 5 हजार के करीब है, वहीं नूह में इतने ही समय में केवल 75 हजार लोगों ने वैक्सीन लगवाई है. यहां वैक्सीन न लगवाने के पीछे कई तरीके के भ्रम और अफ़वाह बताई जा रही हैं. नूह में करीब 87 केंद्रो पर वैक्सीन लगाने की शुरुआत हुई थी, जिनमें से कई केंद्र बंद हो गए हैं. जिले में टीकाकरण से संबंधित अधिकारी का कहना है कि कम लोगों के आने की वजह से करीब 2 दर्जन केंद्रों पर वैक्सीनेशन बंद करना पड़ सकता है. जो केंद्र खुले भी हैं वहां सौ फीसदी लोग नहीं पहुंच रहे हैं.

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आजतक की टीम जब हरियाणा के नूह में ग्राउंड रिपोर्ट करने पहुंची तो बड़ी ही विचित्र स्थिति दिखाई पड़ी. यहां की मार्केट में लोग न तो मास्क लगाते हैं और न ही वैक्सीन लगाने के लिए ज्यादा आगे आ रहे हैं. जब नूह में आजतक ने लोगों से बात की तो उन्होंने वैक्सीन को लेकर अलग-अलग भ्रम और अफवाहों की बात की.

सब्जी मंडी और नूह की सबसे बड़ी मस्जिद के पास नासिर नाम के एक शख्स से जब आजतक ने बात की तो वो आजतक का माइक देखकर भागने लगे, और कहा कि मैं मर जाऊंगा फिर भी वैक्सीन नहीं लगवाऊंगा, दरअसल इन सब के पीछे एक अफवाह है कि वैक्सीन लगवाई तो मर जाओगे या नपुंसकता आ सकती है यही वजह है कि यहां लोग कम वैक्सीन लगवा रहे हैं.

ऐसे माहौल में जिला प्रशासन ने इलाके के मौलवियों से संपर्क साधा है और उन्हें लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करने के लिए कहा गया है. इलाके के लोगों के मुताबिक अफवाहों और सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट की वजह से लोगों के अंदर कोरोना टीके को लेकर डर बैठ गया है. यहां वैक्सीन को लेकर अफवाह और डर का आलम यह है कि वैक्सीन सेंटर पर लोग वैक्सीन लगवाने से कतरा रहे हैं.

मुफ्ती जाहिद हुसैन बड़ी जामा मस्जिद नूह, मेवात की तरफ से यह कहा गया है कि वैक्सीनेशन कराने के लिए लोग ज्यादा से ज्यादा अपने घरों से निकलें. उन्होंने अनाउंस किया है कि कुछ लोग अफवाह फैलाते हैं, लेकिन अफवाह ठीक नहीं हैं, इस वक्त वैक्सीनेशन ही करोना का सबसे बड़ा इलाज है.

जिले में जागरुकता को लेकर कई प्रोग्राम चलाए गए हैं लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ. फिरोजपुर झिरका के कंस्ट्रक्शन का काम करने वाले रिंकू शर्मा का कहना कि उन्होंने सुना है कि वैक्सीन लगवाने के दो साल बाद मौत हो जाएगी. वहीं कई लोगों ने कहा कि सोशल मीडिया पर ऐसी कई अफवाहें हैं कि वैक्सीन लगवाने वाले बीमार हो जाएंगे, जिसकी वजह से लोग वैक्सीन को लेकर हिचक रहे हैं.

जिला प्रशासन मेवात में वैक्सीनेशन करवाने और कोरोना के लिए जागरूकता फैलाने के लिए अल्फाज- ए- मेंवात रेडियो स्टेशन से भी अनाउंसमेंट करा रहा है. आज़तक की टीम जब यहां रेडियो स्टेशन पर पहुंची तो यह पता चला कि इस इलाके में ऐसे काफी इलाके हैं जहां पर वैक्सीनेशन को लेकर के भ्रम है, इस वजह से लोग वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं, हालांकि प्रशासन अब इस रेडियो स्टेशन के जरिए अनाउंसमेंट भी कर रहा है कि वैक्सीन लगाना सुरक्षित है.

नूह के पास ही मौजूद नगीना प्राइमरी हेल्थ केयर सेंटर में वैक्सीन लगवाई जा रही है. लेकिन यहां भी वैक्सीन के आंकड़े बेहद निराशाजनक हैं. इस हफ्ते 3 दिन बीत चुके हैं लेकिन एक भी शख्स यहां पर वैक्सीन लगवाने नहीं आया है. हर रोज स्वास्थ्यकर्मी वैक्सीन लेकर जाते हैं और भरा डिब्बा लेकर वापस लौट जाते हैं. यहां तैनात स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि वैक्सीन लगवाने के लिए एक साथ 11 लोगों की जरूरत होती है ताकि वैक्सीन की एक शीशी खत्म हो सके. एक साथ 11 लोग यहां पिछले 3 दिनों में नहीं इकट्ठा हो सके हैं.

 

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