हरियाणा में आठ दिन से जारी जाट आंदोलन की आग थमती नजर नहीं आ रही. खबर है कि आंदोलनकारियों ने अब मुनक नहर को तीन जगहों से काट दिया, जबकि जेसीबी मशीन के जरिए चौथी जगह पर भी काटने की कोशिश कर रहे हैं. बता दें कि मुनक नहर को बंद करने के कारण दिल्ली में जल संकट गहरा गया है, जबकि खट्टर सरकार ने नहर को सुरक्षा देने की बात भी की है. खास बात यह भी है इन सब के बीच केंद्र सरकार जाट समुदाय को आरक्षण देने के लिए तैयार हो गई है.
प्रदेश के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी यशपाल सिंघल ने आंदोलनकारियों से सड़क और रेलवे ट्रैक से हट जाने की अपील की है. जबकि रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने भी सेना को सख्ती अपनाने की छूट दे दी है. डीजीपी ने बताया कि आंदोलन के चलते अबतक 10 लोगों की मौत हो चुकी है. हिंसा अभी भी जारी है. ताजा घटनाक्रम में प्रदर्शनकारियों ने फरीदाबाद में NH-2 पर पुलिस और अन्य गाड़ियों में तोड़फोड़ की है. इस मामले में गृह मंत्री राजनाथ सिंह के घर शाम को उच्चस्तरीय बैठक हुई . बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले की पूरी जानकारी देंगे.
रक्षा मंत्री बोले- सेना की और टुकड़ियां तैयार
हरियाणा में चल रहे जाट आरक्षण आंदोलन पर रविवार को रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने थलसेना प्रमुख जनरल दलबीर सुहाग के साथ बैठक की और ताजा हालात की जानकारी ली. रक्षा मंत्री दो टूक शब्दों में उपद्रवियों से सख्ती से निपटने के लिए निर्देश देने के साथ रात तक सेना को तनावग्रस्त इलाकों को पूरी तरह नियंत्रण में लेने के आदेश दिए. रक्षा मंत्री ने कहा कि हरियाणा जाने वाले हाईवे को खोलना सरकार की पहली प्राथमिकता है. जरूरत पड़ने पर सेना की और टुकड़ियां भी तैयार रहेंगी. रक्षा मंत्री के साथ बैठक में सेना प्रमुख के अलावा डीजीएमओ और कई दूसरे आला अधिकारी भी मौजूद थे.
There have been 10 causalities and around 150 got injured- YP Singhal, Haryana DGP
— ANI (@ANI_news)
इस बीच क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने भी ट्वीट कर आंदोलनकारियों से शांति की अपील की है
सभी भाइयों से मेरी विनती है की हिंसा त्याग दो और जिसकी जो भी माँग हो वो संवैधानिक तरीक़े से रखो। हम रक्षक हैं, हिंसक नहीं।
— Virender Sehwag (@virendersehwag)
देश की सेना और खेल जगत और ना जाने कितनी चीज़ों में देश का नाम ऊँचा किया है। हमारा जोश देश के भले लिए इस्तेमाल होना चाहिए।
— Virender Sehwag (@virendersehwag)
आरक्षण की मांग कर रहे जाट समुदाय के गुस्साए लोगों पर कोई असर नहीं हो रहा. सोनीपत जिले में उन लोगों ने गन्नौर रेलवे स्टेशन को आग लगा दिया. ओल्ड पंचकुला के पास कालका-शिमला हाईवे को जाम कर दिया गया. रविवार सुबह रोहतक में लोगों ने कर्फ्यू तोड़कर कई दुकानों में आग लगा दी. वहां दस हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर गए हैं. शहर में एक पुलिस स्टेशन में भी आग लगा दी गई.
छोड़े जाएंगे आंसू गैस के गोले
डीजीपी ने कहा कि आंदोलनकारियों पर अब आंसू गैस के गोले छोड़े जा सकते हैं. आठ दिनों में कुल 191 लोगों पर मामले दर्ज किए गए हैं. आंदोलन के दौरान 150 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं. स्थानीय अस्पतालों में उनका इलाज किया जा रहा है.
हिंसा-आगजनी-कर्फ्यू से बिगड़े हालात
गुड़गांव में बसई धनकोट रेलवे स्टेशन पर एक टिकट काउंटर को फूंक दिया गया. के दौरान रविवार को कैथल में एक और मौत हो गई. इसके बाद मरनेवालों की संख्या नौ पहुंच गई है. वहीं जींद में एक पेट्रोल पंप को आग के हवाले कर दिया गया. झज्जर में हालात बेकाबू हैं. आर्मी के फ्लैग मार्च को भी आंदोलनकारी गंभीरता से नहीं ले रहे. प्रशासन की तमाम कोशिश रंग नहीं दिखा पा रही. प्रदेश के कर्फ्यू लागू है. रोहतक और भिवानी में शुक्रवार से ही कर्फ्यू लगा हुआ है. रोहतक के कलानौर में रविवार को उपद्रवियों ने 62 दुकानों, पुलिस चौकी, पेट्रोल पम्प, और एक कॉलेज को आग के हवाले किया.
Agitators block roads in Jind (Haryana)
— ANI (@ANI_news)
राजनाथ से मिलेंगे जाट-खाप नेता
आंदोलन को शांत करने के मसले पर दोपहर तीन बजे जाट और खाप नेताओं की मुलाकात केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से तय की गई है. शनिवार को केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान की अगुवाई में कई जाट नेता राजनाथ से मिल चुके हैं. हिंसा पर निगरानी के लिए सरकार ने बनाया है. इसका नंबर है- 0172- 2794394/395.
Gurgaon (Haryana): Basai Dhankot railway station ticket counter set on fire by protesters
— ANI (@ANI_news)
हुड्डा बनाएंगे भाईचारा कमिटी
दूसरी ओर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भुपेंद्र सिंह हुड्डा अपने बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा और सैकड़ों समर्थकों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे. उन्होंने शांति और भाईचार कायम करने की अपील की. उन्होंने कहा कि हम जल्द ही एक कमिटी बनाकर हिंसा प्रभावित जिलों में जाएंगे.
दिल्ली-एनसीआर में जीवन अस्त-व्यस्त
जाट आंदोलन की वजह से में हालात बिगड़ गए हैं. दिल्ली में पानी की मुश्किल काफी बढ़ गई है. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी हो सकती है. दिल्ली-एनसीआर में दूध और सब्जी की कीमतों में इजाफा हो गया है. लोगों के रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है.