scorecardresearch
 

हरियाणा में बिजली संकट: सुरजेवाला बोले- खट्टर सरकार, निजी बिजली कंपनियों की मिलीभगत से बुरा हाल

रणदीप सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सरकार पर कई तरह के आरोप लगाए हैं. सुरजेवाला का कहना है कि इस सरकार के चलते हरियाणा के लोग बिजली संकट से गुजर रहे हैं.

X
हरियाणा बिजली संकट पर बोले रणदीप सुरजेवाला
हरियाणा बिजली संकट पर बोले रणदीप सुरजेवाला
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हरियाणवी भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से गुजर रहे हैं
  • रणदीप सुरजेवाला ने राज्य के मनोहर लाल खट्टर सरकार पर हमला बोला है

हरियाणा में बिजली संकट को लेकर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने राज्य के मनोहर लाल खट्टर सरकार पर हमला बोला है. सुरजेवाला ने प्राइवेट बिजली उत्पादकों और सरकार के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया है. कांग्रेस नेता ने इसे लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी किया. दूसरी और रणदीप सुरजेवाला ने ट्विटर हैंडल पर लिखा, क्या खट्टर सरकार व प्राइवेट बिजली उत्पादकों की मिलीभगत ‘भयंकर बिजली संकट’ का कारण है? क्या सरकार के खजाने पर सालाना 51,282 करोड़ रुपये या उससे भी अधिक का बोझ पड़ेगा?

सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणवी इस सांठगांठ से भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से गुजर रहे हैं. उन्होंने ट्वीट में लिखा, सरकार के खजाने पर पड़ने वाले सालाना 51,282 करोड़ रुपये का जिम्मेदार कौन?

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, मई महीने में प्रांत को 9500 मेगावॉट बिजली की आवश्यकता है. जुलाई से सितंबर, 2022 तक हर महीने प्रांत में बिजली की मांग लगभग 12,000 मेगावॉट होगी. इस मांग के मुकाबले में जून से सितंबर तक हर महीने 3000 मेगावॉट से 4000 मेगावॉट बिजली की कम आपूर्ति हो पाएगी.

कांग्रेस महासचिव ने कहा, अडानी पॉवर, मुद्रा, गुजरात से मिलने वाली 1424 मेगावॉट बिजली का 1 यूनिट भी न मिलना व प्रांतीय सरकार की विफलता के चलते खुद के बिजलीघरों में उत्पादन न हो पाना इसका सबसे बड़ा कारण है. हरियाणा के लोग भुगत रहे हैं, क्योंकि खट्टर सरकार की प्राइवेट बिजली उत्पादकों से मिलीभगत साफ है. हरियाणा के लोगों पर दोहरी मार पड़ रही है. 


 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें