30 वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला-2016 का आयोजन एक फरवरी से किया जाएगा. इस साल तेलंगाना को थीम राज्य बनाया गया है और इसमें 20 देश शिरकत कर रहे हैं.
हरियाणा पर्यटन की प्रधान सचिव एवं प्राधिकरण की उपाध्यक्ष डॉ. सुमिता मिश्रा ने इस मेले के चौपाल परिसर में संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सूरजकुंड शिल्प मेले का आयोजन पहली बार वर्ष 1987 में भारत हस्तशिल्प, हथकरघा, सांस्कृतिक विरासत की समृद्धि एवं विविधता को एक मंच पर प्रदर्शित करने के उद्देश्य से किया गया था.
ऑनलाइन मिलेंगी टिकट
उन्होंने कहा कि इस वर्ष दर्शकों एवं प्रतिभागियों की सुविधा के लिए अनेक नई पहल की गई है. इनमें मेले की ऑनलाइन टिकटों की पेशकश करने वाली और अधिक वेबसाइटें और 30 से अधिक मेट्रो स्टेशनों पर टिकटें उपलब्ध करवाना प्रमुख रूप से शामिल है. मेले का थीम राज्य तेलंगाना की ओर से मेले के मुख्य प्रवेश द्वार पर एक स्थाई स्मरणीय अवसंरचना, ककातिया गेट का निर्माण किया है.
20 देश लेंगे हिस्सा
हरियाणा निगम के प्रबन्ध निदेशक एवं सूरजकुंड मेला प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक विकास यादव ने कहा कि इस वर्ष मेले में लगभग 20 देशों के भाग लेने की सम्भावना है. इनमें चीन, जापान, श्रीलंका, नेपाल, अफगानिस्तान, कांगो, मिस्र, थाईलैण्ड, मालदीप, रूस, किर्गिस्तान, वियतनाम, लेबनान, तुर्कमेनिस्तान, मलेशिया और बांग्लादेश शामिल हैं.
खट्टर करेंगे उद्घाटन
इसका उद्घाटन हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर बतौर मुख्य अतिथि करेंगे. इस अवसर पर केन्द्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु, केन्द्रीय पर्यटन राज्य मंत्री डा. महेश शर्मा, केन्द्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, थीम स्टेट तेलंगाना के पर्यटन मंत्री अजमीरा चंदूलाल, हरियाणा के पर्यटन मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा और हरियाणा पर्यटन के मानद एंबेसडर उपस्थित रहेंगे.