गुजरात के वलसाड में एक आदिवासी युवती के अपहरण का मामला सामने आने के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया. 19 जनवरी को एक गांव से युवती के लापता होने की सूचना सामने आई थी, जिसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया.
मामले की जानकारी मिलते ही धरमपुर पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की. घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग ने कई टीमें गठित कीं, जिनमें एलसीबी, एसओजी और स्थानीय पुलिस की टीमें शामिल थीं. आरोपी के परिवार, दोस्तों, रिश्तेदारों और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की गई, साथ ही मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी की तलाश तेज की गई.
सात दिन बाद मुंबई से आरोपी की गिरफ्तारी
करीब सात दिन की कार्रवाई के बाद पुलिस ने आरोपी युवक को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया और उसे वलसाड लाया गया है. पुलिस ने युवती को भी सुरक्षित बरामद कर उसके परिवार के हवाले कर दिया है, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली है. ग्रामीणों ने इस मामले में युवक के खिलाफ 'लव जिहाद' का भी आरोप लगाया है.
वलसाड के एसपी ने बताया कि इस मामले में आरोपी के खिलाफ अपहरण और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच हर पहलू से की जा रही है और किसी भी एंगल को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा.
युवती सुरक्षित बरामद, पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज
इस मामले को लेकर कुछ हिंदू संगठनों और आदिवासी नेताओं ने धरमपुर पुलिस स्टेशन पहुंचकर विरोध दर्ज कराया. संगठन के पदाधिकारियों का आरोप है कि इलाके में इस तरह के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं और उन्होंने इसे लेकर पुलिस से विशेष कानूनों के तहत कार्रवाई की मांग की है.
घटना के बाद स्थानीय सांसद धवल पटेल और विधायक ने भी पुलिस से आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और युवती की सुरक्षित वापसी की मांग की थी. सांसद ने दोषियों को कड़ी सजा देने की अपील करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि समाज में गलत संदेश न जाए.