अहमदाबाद के रहने वाले मोइन मेमन ने भाइचारे की बेहतरीन मिसाल पेश की है. एक ओर जहां अयोध्या में वर्षों से मंदिर-मस्जिद को लेकर कानूनी लड़ाई चल रही है, वहीं मोइन मेमन ने पुराने अहमदाबाद के मिर्जापुर इलाके में राम के भक्त हनुमान की पूरी तरह टूटे मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया है.
500 साल से भी पुराना मंदिर
ये मंदिर 500 साल से भी पुराना है. मोइन मेमन ने इस प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार कराने के साथ ही हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करने वालों को संदेश दिया है.
मंदिर के बाहर बीता बचपन
43 साल के मोइन मेमन का बचपन यहीं पर बीता है. मेमन का कहना है कि उनका बचपन इसी मंदिर के बाहर खेलते हुए बीता है. उनके पिता और दादा भी मंदिर के बाहर ही बैठते हैं.
पुजारी के साथ पारिवारिक संबंध
मंदिर के पुजारी के साथ भी उनके पारिवारिक संबंध हैं. जब मेमन ने मंदिर के पुजारी को बताया कि वो मंदिर का जीर्णोद्धार करना चाहते हैं, तो पुजारी जी ने भी अपनी अनुमति दे दी.
मजहब के नाम पर राजनीति को जवाब
मोइन मेमन की ये पहल समाज को प्रेरणा देना वाली है. मजहब के नाम पर राजनीति बहुत होती हे, लेकिन आज भी मजहब से हटकर इंसानियत की मिसाल पेश करने वाले लोगों की कमी नहीं है.