बनासकांठा के डिसा तहसील के शेरपुर गांव में शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दलितों ने मंदिर में प्रवेश किया. दरअसल इस गांव में सालों से दलितों को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं हैं. इसके बाद दलितों को उनका हक दिलाने और मंदिर में प्रवेश की जिम्मेदारी भीम सेना ने उठायी थी. भीम सेना के लोगों ने गांव के दलितों के साथ मिल कर यहां रैली निकाली ओर मंदिर में प्रवेश किया.
इस कार्यक्रम कि खास बात ये थी कि, इसमें भीम सेना के साथ पाटीदार नेता गोपाल इटालिया, RTI कार्यकर्ता कांतिलाल चावड़ा, ब्राह्मण नेता गिरीश दवे समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे.
दरअसल इस मंदिर में महेश परमार नाम का दलित युवक जब प्रवेश कर रहा था, तो उसे ऊंची जाति के लोगों ने प्रवेश नहीं करने दिया. इसके बाद यहां आज समूह प्रवेश का आयोजन किया गया.
भीम सेना के अध्यक्ष मनीष मकवाना ने यहां कहा कि, गुजरात में जहां-जहां मंदिर में दलितों को प्रवेश नहीं दिया जाता. वहां, इसी तरहा का दलित प्रवेश कार्यक्रम किया जाएगा.
गोरतलब है कि गुजरात के उना कांड के बाद से ही राज्य में दलितों की हालत को सुधारने के लिए लगातार आंदोलन किया जा रहा है. इसके बाद भी दलितों पर अत्याचार की घटनाएं सामने आती ही रहती हैं. दलितों पर अत्याचार को रोकने के लिए हर किसी को अपनी मानसिकता बदलनी होगी तभी बदलाव लाना संभव हो पाएगा.