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गुजरात: गिरफ्तारी के बाद जिग्नेश मेवानी बने कांग्रेस के पोस्टर बॉय, हार्दिक पटेल साइडलाइन

गुजरात में कांग्रेस ने हार्दिक पटेल को साइडलाइन कर दिया है और जिग्नेश मेवानी को पोस्टर बॉय बना रही है. दरअसल असम पुलिस द्वारा जिग्नेश की गिरफ्तारी के बाद उनके लिए सहानुभूति दिखाई दे रही है.

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जिग्नेश मेवानी और हार्दिक पटेल (फाइल फोटो)
जिग्नेश मेवानी और हार्दिक पटेल (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कांग्रेस ने हार्दिक पटेल को किया साइडलाइन
  • पार्टी जिग्नेश मेवानी को दे रही है तवज्जो

पिछले कुछ दिनों से हार्दिक पटेल की स्टेट लीडरशीप को लेकर नाराजगी और खुले आम बीजेपी की तारीफ के बाद ये अटकलें तेज हो गई हैं कि हार्दिक पटेल बीजेपी में जा सकते हे. इस चुनावी साल में हार्दिक पटेल जहां कांग्रेस का युवा चेहरा हुआ करते थे, उनकी जगह अब दलित नेता जिग्नेश मेवानी को मिल गई है.

दरअसल असम पुलिस के जरिए जिग्नेश मेवानी की गिरफ्तारी के बाद ना सिर्फ उनके चुनाव क्षेत्र में बल्कि पूरे गुजरात में कांग्रेस के जरिए इस मुद्दे को उठाने का प्रयास किया गया कि देश में लोकशाही खत्म हो गयी हे और ट्वीट करने के मुद्दे पर किसी की भी गिरफ्तारी हो सकती है. साथ ही 2017 के पब्लिक नोटिफिकेशन भंग के मामले में जिग्नेश मेवानी को महेसाणा कोर्ट के जरिए 3 महीने की सजा सुनाई गई, जो जनता में जिग्नेश के लिए सहानुभूति खड़ी करती है क्योंकि ये पहला ऐसा मामला होगा जिसमें विधायक को धारा 144 तोड़ने पर सजा सुनाई गई हो.


गुजरात में कांग्रेस का प्लान 

वहीं कांग्रेस को लगता है कि विधानसभा चुनाव में पाटीदार वोटर पिछले कई सालों से पार्टी के साथ नहीं है. हालांकि 2017 में पाटीदार आंदोलन की वजह से उनका वोट कांग्रेस को मिला था, लेकिन सभी पाटीदारों ने एकजुट होकर नहीं दिया था. सूत्रों की मानें तो गुजरात कांग्रेस के नेता मानते हैं कि हार्दिक पटेल बीजेपी में शामिल होंगे. पार्टी की ज्यादा बदनामी न हो इसलिए पार्टी हार्दिक पटेल को ज्यादा तवज्जो नहीं दे रही है. साथ ही जिग्नेश मेवानी की गिरफ्तारी से ओबीसी, एसटी, एससी वोटरों में एक सहानुभूति मिली है, जिसे कांग्रेस वोट में बदलना चाहती है. इसी वजह से अब कांग्रेस इस दिशा में सोच रही है कि पार्टी का युवा चेहरा हार्दिक पटेल की जगह जिग्नेश मेवानी हो.
 

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