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गुजरात में रेलवे के ग्रीन कॉरिडोर का प्रभु ने किया उद्घाटन

चालू वित्त वर्ष के दौरान अभी तक 14,000 जैव-शौचालयों को रेलों के डिब्बों में फिट किया जा चुका है और चालू वित्त वर्ष की शेष अवधि में रेल डिब्बों में अतिरिक्त 16,000 जैव-शौचालय लगाने की योजना बनाई गई है.

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सुरेश प्रभु
सुरेश प्रभु

गुजरात में पश्चिमी रेलवे के ग्रीन कॉरिडोर खंडो के रूप में गुजरात के ओखा कनालुस और पोरबंदर वंसजलिया सेक्शन की शुरुआत की गई.य रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने राजधानी दिल्ली से एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस ग्रीन कॉरिडोर को देश को समर्पित किया. ग्रीन कॉरिडोर का मतलब यह है कि इस कॉरिडोर में चलने वाली सभी ट्रेनें मानव मल-मूत्र को ट्रेन की पटरियों पर उत्सर्जित नहीं करेंगी. इसके लिए इन ग्रीन कॉरिडोर की सभी ट्रेनों को बायो टॉयलेट से लैस किया गया है.

इस मौके पर रेल मंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे देश का सबसे बड़ा कमर्शियल ऑर्गनाइजेशन है जो लगातार पर्यावरण को फायदा पहुंचाने वाली चीजों को अपना रहा है. इससे पर्यावरण के गिरते स्तर को सुधारा जा सकेगा. उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे को शुरुआत से ही रेल लाइनों पर मानव मल मूत्र से मुक्त बनाने की समस्या से जूझना पड़ रहा है, लेकिन अब सभी नई और मौजूदा ट्रेनों में बायो टॉयलेट लगाए जाएंगे और आने वाले समय में देश की सभी रेलवे लाइनों को मानव मल मूत्र से पूरी तरह से मुक्त बना दिया जाएगा. रेल मंत्री ने आम जनता से यह अपील भी की कि वे इन बायो टॉयलेट का ठीक उपयोग करें और पानी की बोतलें माचिस की डिबिया जैसी चीजों को बायो टॉयलेट में ना फेंके.

इस अवसर पर रेल एवं संचार राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कहा यह हाल के दिनों में रेलवे पर्यावरण के अनुकूल विकास कार्य करने की दिशा में बेहतरीन काम कर रही है और आज देश को समर्पित ग्रीन कॉरिडोर खंड इस दिशा में महत्वपूर्ण विकास कार्य है. उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे ना केवल नए डिब्बों में बायो टॉयलेट सीट कर रही है, बल्कि रोजाना चलने वाली ट्रेनों के मौजूदा डिब्बों में भी इन्हें लगा रही है. उन्होंने कहा कि यह रेलवे अधिकारियों का एक असाधारण कार्य प्रदर्शन है. इस मौके पर रेल राज्य मंत्री राजेन गोहैन ने कहा कि भारतीय रेलवे को 2021- 22 तक पूरी तरह से मानव मल मूत्र से मुक्त कराने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा. इससे भारतीय रेलवे रेल यात्रियों को एक सुरक्षित और साफ सुथरा वातावरण उपलब्ध करा सकेगी.

प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए 'स्वच्छ भारत अभियान' मिशन में योगदान देने के लिए रेल मंत्रालय ने अपने सभी डिब्बों में मानव अपशिष्ट मुक्त जैव-शौचालय उपलब्ध कराने का विशाल कार्य शुरू किया है जिसे 2021-22 तक पूरा कर लिया जाएगा. सभी डिब्बों में जैव-शौचालय लगाने के प्रावधान से रेलों से मानव अपशिष्ट पूरी तरह से जमीन पर गिरना बंद हो जाएगा, जिससे रेलवे ट्रेकों में स्वच्छता और साफ-सफाई की स्थिति में सुधार लाने में मदद मिलेगी. रेल मंत्रालय ने पहले ही 14,000 यात्री डिब्बों में 48,000 जैव-शौचालयों की व्यवस्था कर दी है.

चालू वित्त वर्ष के दौरान अभी तक 14,000 जैव-शौचालयों को रेलों के डिब्बों में फिट किया जा चुका है और चालू वित्त वर्ष की शेष अवधि में रेल डिब्बों में अतिरिक्त 16,000 जैव-शौचालय लगाने की योजना बनाई गई है.

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