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रेलवे की हालत खस्ता, आमदनी में लगभग 4000 करोड़ की कमी

राजधानी दिल्ली में रेल बोर्ड के आला अफसरों के मुताबिक सर्ज प्राइसिंग लागू होने के बावजूद भी आमदनी में कमी आना वाकई चिंताजनक है.

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रेलवे
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हाल ही में प्रीमियम ट्रेनों में सर्ज प्राइसिंग लागू करके लोगों की आलोचना का शिकार बनी रेलवे को जोरदार झटका लगा है. भारतीय रेलवे के ताजा आंकड़ों के मुताबिक सितंबर तक रेलवे की आमदनी में तकरीबन 4000 करोड रुपये की कमी आई है. यह कमी पिछले साल हुई आमदनी के मुकाबले है अगर इस साल टारगेट की बात करें तो सितंबर तक की आमदनी इस साल के टारगेट के मुकाबले 11808 करोड़ रुपये कम रही है. कुल मिलाकर आमदनी में आई जोरदार गिरावट को रेलवे के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. रेलवे की आमदनी में यह गिरावट इस साल माल भाड़े से हो रही आमदनी में आई भीषण गिरावट की वजह से देखी जा रही है. ऐसे में रेलवे पर यह दबाव बढ़ता जा रहा है कि वह पैसेंजर ट्रेनों के किराए में बढ़ोत्तरी करे.

राजधानी दिल्ली में रेल बोर्ड के आला अफसरों के मुताबिक सर्ज प्राइसिंग लागू होने के बावजूद भी आमदनी में कमी आना वाकई चिंताजनक है. हालत यह है की 1 अक्टूबर से लेकर 10 अक्टूबर तक रेलवे की आमदनी पिछले साल के इन्हीं 10 दिनों के मुकाबले लगभग 225 करोड़ रुपये कम हो गई है. जिन आंकड़ों से रेलवे को झटका लगा है, वह इस साल एक अप्रैल से 10 अक्टूबर तक के हैं. बीते साल इसी अवधि में रेलवे की कुल आमदनी 84 हजार 747 करोड़ रुपये थी, लेकिन इस साल उसी अवधि में यह आमदनी कम होकर 80 हजार 893 करोड़ रुपये रह गई.

यानी छह महीने में ही रेलवे की आमदनी 3854 करोड़ रुपये कम हो गई है. यह हालत तब है, जबकि रेलवे पर इसी साल ही नए वेतनमान का बोझ आया है. अब सिर्फ अक्टूबर के 10 दिनों की बात करें तो बीते साल एक से 10 अक्टूबर के बीच रेलवे की आमदनी 4304 करोड़ थी, जो इस साल एक से दस अक्टूबर के बीच कम होकर 4072 करोड़ रुपये रह गई है.

रेलवे के एक सीनियर अधिकारी का कहना है कि आमतौर पर यह देखा जाता है कि रेलवे ने आमदनी का क्या टारगेट रखा था और वह कितना पूरा हुआ. लेकिन इस बार टारगेट के हिसाब से देखा जाए तो आमदनी में कमी का आंकड़ा तकरीबन 11808 करोड़ रुपये है. आंकड़ों के मुताबिक आमदनी में सबसे ज्यादा कमी माल ढुलाई के मामले में हुई है. इस साल 1 अप्रैल से लेकर 10 अक्टूबर तक माल ढुलाई के चलते रेलवे को लगभग 51 हजार 392 करोड रुपये की आमदनी हुई है. पिछले साल की समान अवधि से अगर तुलना करें तो इस आमदनी में 9.2 फीसदी की सीधी गिरावट है, वहीं पैसेंजर से हो रही आमदनी की बात करें तो इस सेगमेंट में रेलवे को 1 अप्रैल से लेकर 10 अक्टूबर तक 25120 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है, जो पिछले साल इसी अवधि के मुकाबले महज 3.25 फीसदी ज्यादा है. अगर इसकी तुलना इस साल के टारगेट से करें तो पैसेंजर किराए से हुई आमदनी 9.04 फीसदी कम रही है.

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