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आरक्षण के लिए पटेलों की महाक्रांति, हार्दिक बोले- बिहार में नीतीश, आंध्र में चंद्रबाबू हमारा है

आरक्षण की मांग को लेकर पटेल रैली कर रहे हार्दिक पटेल ने अहमदाबाद से हुंकार भरी. रैली में भाषण देने के बाद हार्दिक ने नई मांग रखी. उन्होंने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल नहीं पहुंचती, वह मंच से नहीं हटेंगे. हार्दिक ने कहा है कि वह ज्ञापन मुख्यमंत्री को ही सौंपेंगे.

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आरक्षण की मांग को लेकर पटेल रैली में हार्दिक पटेल ने अहमदाबाद से हुंकार भरी. लेकिन चंद घंटों में ही ढीले पड़ गए. भाषण के बाद उन्होंने मांग रखी थी कि जब तक मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल नहीं पहुंचती, वह मंच से नहीं हटेंगे. हार्दिक ने कहा था कि वह ज्ञापन मुख्यमंत्री को ही सौंपेंगे. लेकिन दोपहर करीब पौने दो बजे ज्ञापन देने वह कलेक्टर ऑफिस पहुंच गए.

किया था यह ऐलान
हार्दिक ने ऐलान किया था सीएम नहीं आईं तो वह भूख हड़ताल पर बैठेंगे. उन्होंने भाषण के दौरान कहा कि पूरे हिंदुस्तान में हम 27 करोड़ लोग हैं. 170 एमपी हमारे हैं. बिहार में नीतीश हमारा है, आंध्र में चंद्रबाबू हमारा है.

अपना हक मांग रहे हैं
हार्दिक ने कहा कि हम किसी का हक मारने नहीं निकले हैं. हम हमारा हक मांग रहे हैं. हम किसी समाज के खिलाफ नहीं हैं. हमें आरक्षण दे दो, आंदोलन खत्म कर देंगे. आरक्षण के मुद्दे पर निवाला अटक गया है. हार्दिक ने कहा कि गरीबों को हक नहीं मिलता तो नक्सलवाद और आतंकवाद पैदा होता है.

100 मीटर की दौड़ नहीं, मैराथन है
हार्दिक ने कहा कि यह कोई 100 मीटर की दौड़ नहीं है. मैराथन है. इस मैराथन में किसान, जवान और मजदूर के कंधों पर बोझ हुआ तो चाहे किसी भी सत्ता पर बैठे हों, उतार फेंकेंगे. हार्दिक ने कहा कि गुजरात के 6000 किसानों ने आत्महत्या की है. अब किसी किसान ने आत्महत्या की तो पूरा देश भुगतेगा.

मंच पर पहुंची पुलिस
रैली के बीच मंच पर पुलिस पहुंच गई. पुलिस ने हार्दिक से कहा है कि वह रैली का ज्ञापन कलेक्टर को दे दें. रैली में करीब 9 लाख लोगों ने हिस्सा लिया. हार्दिक ने 25 लाख लोगों के पहुंचने का दावा किया था.

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