गुजरात सरकार भागकर शादी (एलोपमेंट मैरिज) करने वालों के लिए पंजीकरण नियमों को बेहद सख्त करने जा रही है. विधानसभा सत्र के दौरान गृह मंत्री हर्ष संघवी ने इसकी घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार प्रेम की विरोधी नहीं है, लेकिन प्रेम के नाम पर होने वाले छल-कपट और पहचान छिपाकर की जाने वाली शादियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
सदन को संबोधित करते हुए हर्ष संघवी ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा, "हमारी सरकार का विचार साफ है कि यदि कोई 'सलीम' बनकर 'सुरेश' के नाम से हमारी बेटियों को ठेस पहुंचाने का काम करेगा, तो सरकार उसका ऐसा हाल करेगी कि वह किसी और बेटी से बात करने लायक नहीं बचेगा."
उन्होंने इसे सांस्कृतिक और सामाजिक पतन का कारण बताते हुए 'लव जिहाद' को समाज के लिए घातक करार दिया. हर्ष संघवी ने बताया कि विभिन्न सामाजिक संगठनों और धर्मगुरुओं से मिले सुझावों के बाद सरकार ने नियमों में बदलाव का फैसला किया है.
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पंजीकरण प्रक्रिया
भागकर शादी करने वालों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जटिल बनाया जाएगा ताकि माता-पिता की सहमति और पहचान की सत्यता सुनिश्चित हो सके. अगले 30 दिनों तक आम जनता से इस विषय पर सुझाव मांगे गए हैं, जिसके बाद आधिकारिक नियमों की घोषणा की जाएगी.
गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने जोर देकर कहा कि भारत में शादी एक पवित्र संस्कार है और सरकार इसकी परंपरा और मर्यादा को बचाने के लिए कटिबद्ध है.