गुजरात के बोटाद जिले में एक सरकारी कर्मचारी को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के अनुसार यह पोस्ट राष्ट्रीय एकता के खिलाफ थी और लोगों में भय और भ्रम फैलाने वाली थी. आरोपी की पहचान 27 वर्षीय पटवारी कुणाल पटेल के रूप में हुई है, जो बोटाद जिले के ध्रुफनिया गांव में तलाटी-कम-मंत्री के पद पर कार्यरत था. यह पद राज्य पंचायत विभाग में वर्ग-3 की नौकरी मानी जाती है.
‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़ा था पोस्ट
डिप्टी एसपी महार्शी रावल ने जानकारी दी कि सोशल मीडिया की निगरानी के दौरान जिला साइबर टीम ने 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर कृपाल पटेल की एक आपत्तिजनक पोस्ट देखी. यह पोस्ट भारतीय सेना द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकियों पर की गई स्ट्राइक से संबंधित थी.
डर फैलाने वाली पोस्ट मानी गई
डिप्टी एसपी के अनुसार, उसकी पोस्ट राष्ट्रीय एकता के खिलाफ और देश में डर और घबराहट फैलाने वाली थी.' इस मामले में बोटाद साइबर क्राइम थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(2) और 197(1)(d) के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने बताया कि आरोपी मूल रूप से अहमदाबाद का रहने वाला है और फिलहाल बोटाद के गढ़ड़ा में रहता है.
गुजरात सरकार ने सोमवार को बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सोशल मीडिया पर देशविरोधी और सेना का मनोबल गिराने वाली पोस्ट करने के आरोप में कुल 14 लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की गई है.
इन मामलों में एक व्यापारी और सरदार पटेल सम्मान संकल्प आंदोलन समिति के संयोजक का भी नाम शामिल है. दर्ज एफआईआरों में खेड़ा और कच्छ जिलों में दो-दो, जबकि जामनगर, जूनागढ़, वलसाड, बनासकांठा, आणंद, अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, पाटण और पंचमहल में एक-एक मामला शामिल है.
राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) विकास सहाय ने सोशल मीडिया पर देशविरोधी गतिविधियों की निगरानी के आदेश दिए हैं और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं.