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गुजरात में कांग्रेस ने 0 से 13 पहुंचने का 2019 में रखा लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहराज्य गुजरात के लिए कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए खास प्लान बनाया है. कांग्रेस ने राज्य की आधी यानी 13 लोकसभा सीटें जीतने का टारगेट फिक्स किया है. जबकि पिछले चुनाव में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली थी.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फोटो-फाइल) कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फोटो-फाइल)

हाल ही में राज्यों के विधानसभा चुनाव की सियासी जंग फतह करने के बाद कांग्रेस की नजर अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहराज्य गुजरात पर है. लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस ने राज्य की 26 लोकसभा सीटों में से आधी सीटें जीतने का टारगेट फिक्स किया है. जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को सूबे में एक भी सीट नहीं मिल सकी थी और सभी सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी.

गुजरात की 26 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस ने मिशन-13 का प्लाना बनाया है. पार्टी ने इन सीटों की पहचान कर ली है जहां से उसे जीत की उम्मीद है. कांग्रेस ने इसके लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है. पिछले साल राज्य में हुई विधानसभा चुनाव में बीजेपी को जीतने में पसीने छूट गए थे और 100 का आंकड़ा भी नहीं छू पाई थी. वहीं कांग्रेस बीजेपी से महज 9 सीट पीछे रह गई थी.

कांग्रेस जिन 13 लोकसभा सीटों पर नजर बनाए हुए है. गुजरात की आणंद, अमरेली, बनासकांठा, साबरकांठा, पाटन, जूनागढ़, दाहोद, बारडोली, सुरेंद्रनगर, जामनगर, पोरबंदर, भरूच और मेहसाणा लोकसभा सीट शामिल है. कांग्रेस ने इन 13 संसदीय सीटों की पहचान पिछले दो विधानसभा चुनाव और दो लोकसभा चुनाव के नतीजों को बारीकी से अध्ययन करने के बाद की गई है.

गुजरात विधानसभा चुनाव में ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस बहुत बेहतर नतीजे लाने में सफल रही थी. इसी रणनीति के तहत लोकसभा चुनाव में भी ग्रामीण इलाकों की सीटों पर कांग्रेस ने फोकस किया है. किसान, पाटीदार, दलित और ग्रामीण इलाकों के वोटरों को अपने साथ जोड़ने के लिए पार्टी बकायदा रणनीति बनाने में जुटी है.  

कांग्रेस ने लोकसभा सीट के तहत आने वाले प्रत्येक विधानसभा सीट पर गुजरात कांग्रेस कमेटी के एक सचिव को नियुक्त किया है.

इन सचिवों को बूथ स्तर पर कार्यकर्ता तलाश करने और उन्हें ट्रेनिंग देकर लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इतना ही नहीं प्रत्येक सक्रिय कार्यकर्ता की पहचान करना और उनकी मीटिंग करने की जिम्मेदारी दी गई है. इस योजना के तहत एक विधानसभा में करीब 270 बूथों पर मजबूत कार्यकर्ता लगाना है.

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