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गुजरात बजट: शिक्षा और MSME सेक्टर को बड़ी सौगात, नर्मदा जल परियोजनाओं को ₹3043 करोड़

गुजरात सरकार ने वर्ष 2026 के लिए अपना बजट पेश कर दिया है, जिसमें राज्य की आर्थिक शक्ति और सामाजिक कल्याण पर विशेष जोर दिया गया है. देश की जीडीपी में 8.2 प्रतिशत की हिस्सेदारी और राष्ट्रीय औसत से 60% अधिक प्रति व्यक्ति आय के साथ गुजरात ने युवाओं, आदिवासियों और किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं.

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गुजरात बजट में विकास की रफ्तार और लोकलुभावन घोषणाएं (Photo: ITG)
गुजरात बजट में विकास की रफ्तार और लोकलुभावन घोषणाएं (Photo: ITG)

गुजरात सरकार ने राज्य की आर्थिक गतिशीलता को नई ऊंचाई देने वाला बजट पेश किया है, जिसमें नागरिकों की प्रति व्यक्ति आय ₹3,01,000 तक पहुंचने की जानकारी दी गई है. मुख्यमंत्री ने 'सभी के लिए घर' के संकल्प के तहत इस वर्ष 3 लाख 15 हजार से अधिक आवास उपलब्ध कराने के लिए ₹4272 करोड़ का प्रावधान किया है. 

ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए VBGRAMG योजना के तहत कार्य दिवसों को 100 से बढ़ाकर 125 कर दिया गया है, जिसके लिए ₹1500 करोड़ आवंटित किए गए हैं. शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव करते हुए लड़कों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति की वार्षिक आय सीमा ₹2.50 लाख से बढ़ाकर ₹6 लाख कर दी गई है. 

इसके साथ ही, गांधीनगर में आधुनिक 'नमो केंद्रीय पुस्तकालय' और आदिवासी इलाकों में औद्योगिक संपदाओं की स्थापना जैसे बड़े कदम उठाए गए हैं.

शिक्षा और युवाओं के लिए बड़े ऐलान

सरकार ने युवाओं के कौशल विकास और शिक्षा पर बड़ा निवेश किया है. गांधीनगर में ₹100 करोड़ की लागत से देश का सबसे आधुनिक और डिजिटल 'नमो केंद्रीय पुस्तकालय' बनाया जाएगा. इसके अलावा, आदिवासी क्षेत्रों के 15 तालुकों में 'भगवान बिरसा मुंडा पुस्तकालय' स्थापित किए जाएंगे. युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने हेतु 'मुख्यमंत्री शिक्षुता योजना' के तहत प्रशिक्षुओं को अब प्रति माह ₹3000 की सहायता दी जाएगी, जिसके लिए ₹80 करोड़ का प्रावधान किया गया है.

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MSME और औद्योगिक विकास पर जोर

गुजरात 29 लाख से ज्यादा MSME रजिस्ट्रेशन के साथ देश में अग्रणी है. इन यूनिट्स को प्रोत्साहित करने के लिए 'आत्मनिर्भर गुजरात योजना' के तहत ₹1775 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है. आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए दाहोद के झालोद और गरबाड़ा सहित कुल पांच नए जीआईडीसी (GIDC) औद्योगिक संपदाओं की स्थापना की जाएगी. यह कदम राज्य के दूरदराज के इलाकों में औद्योगीकरण को बढ़ावा देगा.

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सिंचाई और जल प्रबंधन की महायोजना

नर्मदा के पानी को शुष्क क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए सरकार ने ₹3043 करोड़ का भारी भरकम बजट रखा है. इसमें 'सुजलाम सुफलाम पाइपलाइन' के लिए ₹1237 करोड़, सौनी परियोजना के लिए ₹473 करोड़ और कच्छ परियोजना के लिए ₹1333 करोड़ शामिल हैं. अहमदाबाद के नलकांठा क्षेत्र के दूरस्थ गांवों को सिंचाई सुविधा देने के दूसरे चरण के लिए भी ₹958 करोड़ प्रस्तावित किए गए हैं. इसके साथ ही, 'गौ माता पोषण योजना' के लिए ₹500 करोड़ का विशेष प्रावधान किया गया है.

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