गुजरात में भरुच के नजदीक वडाला गांव के क्वीन ऑफ एंजेल्स स्कूल में बुधवार को उस समय हंगामा हो गया, जब यहां स्कूल प्रशासन ने हाथों में महेंदी लगाकर स्कूल पहुंचने वाली छात्राओं को स्कूल में आने की इजाजत नहीं दी.
दरअसल गुजरात में गौरीव्रत होता है जिसके तहत बालिकाएं पांच दिन का उपवास (व्रत) करती हैं. ये दिन बालिकाओं के लिए खास होता जिसमें वो अपने हाथों में महेंदी लगाती हैं. ज्यादातर स्कूल इन दिनों बच्चियों को मेहंदी लगाने की अनुमति देते हैं. लेकिन बुधवार को जब क्वींस ऑफ एंजेल्स स्कूल की बच्चियां व्रत खत्म होने के बाद स्कूल पहुंचीं तो उन्हें स्कूल में प्रवेश नहीं करने दिया गया.
इतना ही नहीं बच्चियों को यह तक कह दिया गया कि जब तक उनकी मेहंदी का रंग नहीं जाता वो स्कूल ना आएं. इस मामले से बच्चियों के अभिभावक काफी नाराज हैं, उन्हें जैसे ही इसके बारे में जानकारी मिली उन्होंने स्कूल पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया.

स्कूल में हुई वारदात के बारे में जैसे ही हिन्दूवादी संगठनों को जानकारी मिली, वो स्कूल पहुंचे, इनमें बीजेपी के स्थानीय विधायक दुष्यत पटेल भी मौजूद थे. उन्होंने यहां पहुंचकर हंगामा किया और स्कूल के फैसले के खिलाफ अपना विरोध जताते हुए स्कूल के आंगन में ही हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया.
उन्होंने स्कूल प्रशासन को कहा कि यह क्रिश्चियन स्कूल है इसलिये मां सरस्वती की फोटो स्कूल में नहीं लगाते ये हम समझ सकते हैं, लेकिन आप भारत मां की तस्वीर तो स्कूल में लगा सकते हैं. इसके बाद साथ लाए भारत मां की तस्वीर को उन्होंने दीवार पर टांग दिया. हालांकि इस हंगामे के बाद स्कूल ने तुंरत ही अपने फैसले को वापस ले लिया और छात्राओं को स्कूल में बैठने की अनुमति दे दी.