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फर्जी पत्रकार बनकर मांगे 5 करोड़ रुपए, 45 लाख लेते क्राइम ब्रांच ने किया गिरफ्तार

दोनों ने कंपनी के लोगों को गुजरात पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा क्लोजर नोटिस दिलवाकर कंपनी को बंद करवाने की धमकी दी थी. यही नहीं दोनों ने कहा था कि अगर इलाके में किसी की मौत हो जाती है तो इसकी जिम्मेदार कंपनी होगी.

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क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आरोपी
क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आरोपी

सूरत में फर्जी पत्रकार बनकर 5 करोड़ रुपए मांगने वाले दो जालसाजों को गिरफ्तार किया गया है. जालसाजों ने गुजरात पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड में शिकायत की थी. शिकायत में कहा गया था कि सूरत शहर की सचिन जीआईडीसी में स्थित सचिन इंफ्रा एनवायरो लिमिटेड और ग्लोब एनवायरो लिमिटेड नामक औद्योगिक कंपनी द्वारा वेस्ट केमिकल का निराकरण नियमों के खिलाफ किया जा रहा है. पिछले 4 महीने से ऐसी शिकायत सचिन जीआईडीसी इलाके के दो फर्जी पत्रकार तेजस पाटिल और अजीत त्रिवेदी करते आ रहे थे. सचिन जीआईडीसी के डायरेक्टर महेंद्र कुमार रामोलिया ने इन दोनों के द्वारा की जा रही शिकायत को लेकर इनसे जब बातचीत की थी तो इन दोनों ने शिकायत वापस लेने और आगे से शिकायत न करने के बदले 5 करोड़ रुपए मांगे थे. 

क्राइम ब्रांच ने पकड़ा
पिछले 4 महीने से लगातार फर्जी पत्रकारों और जीआईडीसी के डायरेक्टर के बीच में डील चल रही थी. इस डील के अंत में 45 लाख रुपए लेनदेन करके समाधानपूर्वक रास्ता निकालने का आश्वासन दिया गया था. इसी के तहत 45 लाख रुपए लेने के लिए तेजस पाटिल और अजय त्रिवेदी जब महेंद्र रामूलिया की ऑफिस में पहुंचे थे तो वहां पहले से मौजूद क्राइम ब्रांच के तीन पुलिस इंस्पेक्टर और अन्य जवानों ने मिलकर उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.

जिन दो कंपनी के नाम पर यह दोनों ब्लैकमेल करते थे वह दोनों कंपनी वेस्ट केमिकल को कॉमन ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी ) देती थी. बावजूद इसके गिरफ्तार इन दोनों लोगों ने कथित रूप से सबूत इकट्ठे करके इसकी शिकायत गुजरात पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड में की थी.

कंपनी बंद करवाने की धमकी
दोनों ने कंपनी के लोगों को गुजरात पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा क्लोजर नोटिस दिलवाकर कंपनी को बंद करवाने की धमकी दी थी. यही नहीं दोनों ने कहा था कि अगर इलाके में किसी की मौत हो जाती है तो इसकी जिम्मेदार कंपनी होगी. गिरफ्तार तेजस पाटिल और अजय त्रिवेदी ने कंपनी के मालिकों को यह भी कहा था यदि आगे की कार्रवाई से बचना है तो 5 करोड़ रुपए देने होंगे. हर साल 11 लाख रुपए हफ्ता देना तय हुआ था. इस डील की पुलिस को अथवा अन्य किसी विभाग को जानकारी न देने की धमकी दी गई थी.

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इस मामले में महेंद्र रामोलिया ने सूरत के पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत के साथ मिलकर शिकायत की थी. शिकायत के बाद पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने इन दोनों ब्लैकमेलर पत्रकारों को गिरफ्तार करने का टास्क सूरत क्राइम ब्रांच को सौंपा था. साथ ही साथ सचिन जीआईडीसी पुलिस थाने को इस मामले की भनक तक न लगने देने की सूचना दी गई थी. 

भाजपा नेताओं संग फोटो
सूरत क्राइम ब्रांच ने दोनों के पास से कार जब्त की है, उस पर प्रेस लिखा हुआ था. पत्रकार और आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर ब्लैकमेलिंग करने वाले गिरफ्तार तेजस पाटिल के भाजपा नेताओं से संबंध होने की बात भी सामने आई है. ये जानकारी उसके सोशल साइट से मिली है. तेजस की फोटो भरत पाटिल, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, भाजपा विधायक संगीता पाटिल और अन्य भाजपा नेताओं के साथ सोशल मीडिया पर देखे जा सकते हैं.

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