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पीड़िता के सामने बैठकर नारायण साईं ने कबूले अपने गुनाह...

सूरत रेप केस में अपना गुनाह कबूल कर चुके नारायण साईं से बुधवार को पीड़िता के सामने बिठाकर पूछताछ की गई थी. पूछताछ के लिए पीड़िता सुबह 9:30 बजे क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंची. करीब साढ़े दस बजे उससे पूछताछ शुरू की गई.

सूरत रेप केस में अपना गुनाह कबूल कर चुके नारायण साईं से बुधवार को पीड़िता के सामने बिठाकर पूछताछ की गई थी. पूछताछ के लिए पीड़िता सुबह 9:30 बजे क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंची. करीब साढ़े दस बजे उससे पूछताछ शुरू की गई.

पूछताछ से जुड़ी एक्सक्लूसिव जानकारियां इस प्रकार हैं-
- नारायण साईं से जिस रूम में पूछताछ होनी थी, उसमें पीड़िता और पुलिस पहले से मौजूद थी.
- जब नारायण साईं को को पूछताछ के लिए कमरे में लाया गया तो वो पीड़िता को देखकर चौंक गया.
- पुलिस ने नारायण को बैठने के लिए कुर्सी नहीं दी और नारायण साईं को पीड़िता के पैर के पास बिठाया गया.
- पैर के पास बैठकर नारायण साईं पीड़िता को आश्चर्य के साथ देख रहा था. जिसके कारण पीड़िता गुस्सा भी हो गई.
- पुलिस को जो शिकायत पीड़िता ने लिखवाई थी उसी के आधार पर पुलिस ने सवाल-जवाब शुरू किए. साल 2001 से लेकर 2004, जब तक पीड़िता आश्रम में रही तब तक के सारे सवाल पूछे गए.

पुलिस ने नारायण साईं से पूछे ये सवाल...
पहला सवाल- आप कहां मिले थे?
पीड़िता- हम जहांगीरपुरा आश्रम में मिले थे.
नारायण साईं- हां, ये बात सच है.

दूसरा सवाल- वहां पर क्या हुआ था?
पीड़िता- नारायण ने मेरे हाथ को दबाया था और प्रसाद दिया था.
नारायण ने इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया.

तीसरा सवाल- क्या पीड़िता को देश के अलग-अलग राज्यों के आश्रम में ले जाया गया था?
पीड़िता- पटना ओर नेपाल के आश्रम में ले गए थे.
नारायण साईं- हां, बात सही है.

चौथा सवाल- पटना में क्या-क्या हुआ था?
पीड़िता- डेढ़ महीने मेरे वहां पर रहने के बाद नारायण साईं वहां शिविर के लिए आया था. मेरा हाथ पकड़ा था और कहा था कि क्यों तुम्हें मेरे बिना अच्छा लगता है.
नारायण साईं- हां, मैं वहां पर गया था, लेकिन ये सब बातें मुझे याद नहीं हैं.

पांचवां सवाल- सूरत वापस कब आए?
पीड़िता- नारायण साईं ने मेरे घर पर फोन किया था और मुझे जहांगीरपुरा आश्रम में बुलाया था.
नारायण साईं- मैंने ऐसा कोई फोन नहीं किया था.

छठा सवाल- कुटिया तक पीड़िता को कौन लेकर आया था?
पीड़िता- हनुमान, और वही मुझसे संपर्क में था.
नारायण साईं- हनुमान.

सातवां सवाल- कुटिया में क्या हुआ था?
पीड़िता- कुटिया में नारायण साईं था. वो जिस कुर्सी पर बैठा था मैं उसके नीचे बैठी थी.
नारायण साईं- हां, ये मेरे पास ही बैठी थी.

आठवां सवाल- आपने बचने के लिए प्रयास किया था?
पीड़िता- हां, मैं नारायण साईं से दूर हो गई थी फिर नारायण ने मुझे जबरदस्ती जोर से पकड़ लिया था और धक्का देकर पलंग पर लेटा दिया था. उसके बाद मेरा रेप किया गया.
नारायण साईं- ये बात झूठ है, पीड़िता की मर्जी से उसके साथ रिश्ता बनाया गया था. ये लड़की आज भी मुझे प्रेम करती है और पहले भी वो मुझे प्रेम करती थी. मैं भी उससे प्यार करता था.

नौवां सवाल- आप वहां से किस तरह से निकलीं?
पीड़िता- नारायण ने मेरे साथ बलात्कार किया उसके बाद मैं वहां से निकलने में कामयाब हो सकी.
नारायण साईं- मैंने कोई बलात्कार नहीं किया है. वहां जो भी हुआ था वो लड़की की मर्जी से हुआ था और वो मुझे प्यार करती थी.

नारायण साईं के इस बात को सुनकर पीड़िता आग-बबूला हो गई और कहा कि अगर मैं तुमसे प्यार करती तो आज भी तुम्हारे आश्रम में होती और तुम्हारा भोग बनती रहती.

ओरल सेक्स का शौकीन है नारायण साईं...
पीड़िता का ये जवाब सुनकर नारायण साईं चुप हो गया. जिसके बाद पीड़िता ने न सिर्फ अपने साथ हुई इस वारदात को नारायण को याद दिलाया बल्कि, आश्रम की अन्य लड़कियों के साथ हुई इस तरह की वारदात को भी एक के बाद एक याद दिलाया गया. पीड़िता ने गुस्से में नारायण साईं को ये भी कहा कि न सिर्फ आश्रम की लड़कियां बल्कि बाहर से प्रोफेशनल लड़कियों को बुलाकर भी उनके साथ शारीरिक संबध बनाए जाते थे. पीड़िता ने एक के बाद एक कई लड़कियों के नाम नारायण साईं को याद दिलाए. पीड़िता ने नारायण साईं को ये भी कहा, 'नारायण साईं ग्रुप सेक्स ओर ओरल सेक्स का भी शौकीन था.' इस दौरान नारायण साईं पूरी तरह से चुप था.

मोनिका के बारे में पूछताछ
पुलिस ने नारायण साईं से मोनिका के बारे में पूछताछ की. इस पर नारायण साईं ने कहा, 'मोनिका के साथ मेरे कोई शारीरिक संबध नहीं थे.' पीड़िता ने तुंरत ही कहा कि मोनिका के साथ भी नारायण साईं के शारीरिक सबंध थे. इस पर नारायण हैरान रह गया. पीड़िता ने बताया मोनिका ने नारायण साईं की एक फिल्म भी बनाई है, जिसमें वो एक महिला के साथ दिखाई देता है.

जमुना के बारे में पुलिस ने पूछे सवाल...
पुलिस ने पूछा- जमुना को जानती हो? पीड़िता- हां, जमुना के नारायण के साथ भी रिश्ते थे और जमुना का बेटा मोक्ष नारायण की ही नाजायज औलाद है. नारायण साईं- हां, ये बात सच है.

नारायण के जवाब से गुस्सा होकर पीड़िता ने नारायण को एक खत भी दिखाया, जो नारायण ने प्रेम-पत्र के तौर पर पीड़िता को लिखा था. नारायण ने पीड़िता से पूछा, 'अगर मुझे सजा होगी तो तुम्हें अच्छा लगेगा'? पीड़िता ने बिना देरी के जवाब दिया, 'हां.'

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