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50 मिनट तक रुकी रही दिल की धड़कन, डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी

अस्पताल पहुंचने से पहले ही राजेंद्र की धड़कन रुक चुकी थी. पूरे रास्ते और अस्पताल में इलाज के दौरान भी एक्सपर्ट डॉक्टर वाट्सऐप और फोन कॉल के जरिए जरूरी निर्देश देते रहे.

'जाको राखे साइयां मार सके ना कोय', इस लाइन को सच साबित करते हुए एक शख्स करीब 50 मिनट तक दिल की धड़कन रुकने के बाद भी जिंदा बच गया.

घटना गुजरात की है. 50 वर्षीय बिजनेसमैन राजेंद्र पटेल हृदय रोग से पीड़ित हैं. बीते महीने उन्हें अचानक दौरा पड़ा और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनके दिल की धड़कन बंद हो चुकी थी. राजेंद्र के इलाज में एक साथ कई चीजें ऐसी भी रहीं जो काफी दिलचस्प हैं.

वाट्सऐप और फोन कॉल के जरिए जुड़े डॉक्टर
सनद स्थित नवजीवन हॉस्पिटल के डॉ. आशीष सक्सेना ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही राजेंद्र की धड़कन रुक चुकी थी. पूरे रास्ते और अस्पताल में इलाज के दौरान भी एक्सपर्ट डॉक्टर वाट्सऐप और फोन कॉल के जरिए जरूरी निर्देश देते रहे. अस्पताल पहुंचने पर राजेंद्र को बचाने के लिए डॉक्टरों ने कार्डियो पल्मॉनरी रीससिटेशन (CPR) का इस्तेमाल किया. इसमें मरीज को कम से कम 100 बार इलेक्ट्रिक शॉक दिए जाते हैं.

मस्तिष्क में नहीं पहुंच रहा था खून
डॉक्टरों ने बताया कि राजेंद्र को करीब 50 मिनट तक इलेक्ट्रिक शॉक दिए जाते रहे और आखिरकार उसका दिल एक बार फिर धड़कने लगा. इलाज के दौरान वाट्सऐप और कॉल के जरिए निर्देश दे रहे कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रवि सांघवी ने कहा, 'मैं लगातार डॉ. सक्सेना के संपर्क में था और CPR में उन्हें जरूरी सुझाव दे रहा था. मरीज कोमा में जा चुका था और उसके ब्रेन के काम करने की उम्मीद भी कम थी क्योंकि मस्तिष्क में खून ही नहीं पहुंच रहा था.'

पटेल को बीते सप्ताह ही इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया.

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