scorecardresearch
 

गुजरातः महंगाई के खिलाफ कांग्रेस की रैली में नहीं पहुंचे हार्दिक पटेल, नेता विपक्ष के बयान पर विवाद

कांग्रेस की ओर से महंगाई के खिलाफ पार्टी के दफ्तर से अहमदाबाद के लाल दरवाजा तक रैली निकाली गई जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता शामिल हुए लेकिन पाटीदार नेता हार्दिक पटेल शामिल नहीं हुए.

कांग्रेस ने रैली कर दिखाई ताकत कांग्रेस ने रैली कर दिखाई ताकत
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नेता विपक्ष ने वोटर को बताया मूर्ख
  • बीजेपी ने नेता विपक्ष पर किया तंज

गुजरात के विधानसभा चुनाव को करीब देख विपक्षी कांग्रेस अब एक्टिव मोड में आती दिख रही है. गुजरात कांग्रेस ने मंगलवार को महंगाई के खिलाफ अहमदाबाद में बड़ी जनसभा की. जनसभा के बाद रैली के जरिए कांग्रेस ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया. कांग्रेस की ओर से महंगाई के खिलाफ पार्टी के दफ्तर से अहमदाबाद के लाल दरवाजा तक रैली निकाली गई जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता शामिल हुए.

महंगाई के खिलाफ आयोजित इस रैली में पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष और पाटीदार नेता हार्दिक पटेल (hardik patel) शामिल नहीं हुए. हार्दिक पटेल राजकोट में थे. महंगाई के खिलाफ रैली से पहले जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष के नेता परेश धानानी ने कहा कि पिछले 25 साल से जो मूर्ख भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को वोट दे रहे हैं, कम से कम उन्हें तो पेट्रोल 50 रुपये लीटर मिलना चाहिए.

रैली में नेता विपक्ष के बयान पर मचा सियासी घमासान
रैली में नेता विपक्ष के बयान पर मचा सियासी घमासान

परेश धानानी के इस बयान पर अब गुजरात में सियासी घमासान छिड़ गया है. वोटर को मूर्ख कहने के लिए बीजेपी ने भी विपक्ष के नेता को आड़ेहाथों लिया है. बीजेपी प्रवक्ता यज्ञनेश दवे ने कहा कि गुजरात की जनता को मुर्ख कहने वाले नेता विपक्ष को अब कौन समझाएगा. विधानसभा में विपक्ष के नेता की ओर से दिए गए इस बयान पर सवाल इसलिए भी खड़े हो रहे हैं कि कांग्रेस खुद भी गुटबाजी से जूझ रही है.

साल 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 77 सीट पर जीत मिली थी. आज कांग्रेस के ही कई नेता हाथ का साथ छोड़ बीजेपी में चले गए हैं. कांग्रेस के 16 विधायक बीजेपी में शामिल हो चुके हैं. कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए 16 में से दो विधायक विजय रुपाणी के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी हैं. कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुआ एक विधायक रुपाणी सरकार में राज्यमंत्री है. महंगाई के खिलाफ कांग्रेस की रैली में कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाई गईं. सोशल डिस्टेंसिंग तो नजर नहीं आई, मास्क भी गायब थे. कांग्रेस के नेताओं ने साइकिल चलाई लेकिन मास्क गायब थे. यहां तक कि कार्यकर्ताओं के भी मास्क गयब थे. 

निखिल सवाणी के जाने से फर्क नहीं पड़ता- हार्दिक 

हार्दिक पटेल ने राजकोट में पत्रकारों से बात की. अपने करीबी निखिल सवाणी के कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी (एएपी) में शामिल हो जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हार्दिक ने कहा कि कांग्रेस को इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा. उन्होंने खुद के आम आदमी पार्टी में शामिल होने को लेकर चल रही अटकलों पर सीधा कोई जवाब नहीं दिया लेकिन ये कहा कि एएपी पर कांग्रेस की नजर है लेकिन खतरा बीजेपी को ज्यादा हैं. हालांकि, हार्दिक पटेल की महंगाई के खिलाफ कांग्रेस की रैली में नामौजूदगी को उनकी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें