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किसी के बच्चे स्कूल तो जाते नहीं, फिर गुजरात में 15 पूर्व मंत्री अब तक बंगलों में क्यों: कांग्रेस

गुजरात में 15 पूर्व मंत्रियों को ए क्लास बंगले आवंटित किए गए हैं. ये सभी विजय रुपाणी सरकार में मंत्री रहे हैं. कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि आखिर इनको किस नियम के तहत अभी तक इन बंगलों में रहने दिया गया है.

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गुजरात कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोशी (फाइल फोटो)
गुजरात कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोशी (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गुजरात में बंगलों पर सियासत
  • कांग्रेस ने बीजेपी सरकार को घेरा

दिल्ली में कुछ दिन पहले ही नेताओं से उनके सरकारी बंगले खाली कराने को लेकर काफी विवाद और बहस हो चुकी है. लेकिन अब ऐसा ही एक मामला गुजरात में सामने आया है जिसमें बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने है. दरअसल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि विजय रुपाणी सरकार में मंत्री रहे करीब 15 बीजेपी नेता अक्टूबर से सरकारी बंगले का फायदा बहुत कम किराया देकर उठा रहे हैं. उस समय एक विशेष प्रावधान के तहत नए एकेमेडिक सेशन तक उनके रहने दिया गया था ताकि उनके बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो. लेकिन सच्चाई ये है कि इनमें से किसी के भी बेटा या बेटी स्कूल या कॉलेज नहीं जाते हैं. 

कांग्रेस का कहना है कि ये सभी नेता अब सामान्य विधायक हैं और इनको MLA क्वार्टर में शिफ्ट किया जाना चाहिए न कि कम किराए में उनको पॉश बंगलों में रखा जाए. हालांकि बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि इन सभी को सरकारी नियमों के तहत ही बंगले आवंटित किए हैं. 

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोशी ने आरोप लगाया कि सभी पूर्व मंत्रियों को मात्र 42 सौ रुपये महीने के किराए में ये महंगे आवास आवंटित किए हैं जबकि इनका वास्तविक किराया 42 हजार रुपये महीने तक है. इन सभी को एकेडमिक सेशन के चलते अक्टूबर से बंगले आवंटित किए गए थे जो कि खत्म हो चुका है. उससे भी ज्यादा हैरानी की बात ये है कि इनमें से किसी के बच्चे स्कूल या कॉलेज में नहीं पढ़ते हैं. कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया, 'अगर हम मान भी लें कि इन सभी के बच्चे स्कूल जाते हैं तो जिस एकेडमिक सत्र के लिए यह सुविधा दी गई थी वो तो खत्म हो चुका है लेकिन फिर भी ये सभी अभी टिके हुए हैं.' 

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कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री जनता के पैसे पर बंगलों में मौज कर रहे हैं जबकि हजारों सरकारी कर्मचारी सालों से अपने क्वार्टर का इंतजार कर रहे हैं. कांग्रेस के आरोप पर पूर्व शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह चुडास्मा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि  ये 1 अक्टूबर 2021 को आदेश के तहत सभी नियमों के मुताबिक आवंटित किए थे. बता दें कि भूपेंद्र सिंह भी इन 14 बीजेपी नेताओं में शामिल हैं जिनको 'ए' क्लास वाला बंगला आवंटित किया गया है. चुडास्मा ने सफाई देते हुए कि सिर्फ उन्हें ही नहीं बाकी कई पूर्व मंत्रियों को भी बंगले आवंटित किए गए हैं और इनका किराया नियमों के मुताबिक तय किया गया है.

गौरतलब है कि बीते साल बीजेपी ने सबको हैरान करते हुए विजय रुपाणी की जगह भूपेंद्र पटेल को सीएम बना दिया था. मुख्यमंत्री बदलते हुए समूची कैबिनेट में भी में फेरबदल कर दिया गया था. इस फैसले के पीछे इस साल दिसंबर में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव हैं. बीजेपी को लगता है कि इस कदम से राज्य सरकार के खिलाफ बनी सत्ता विरोधी लहर को कम किया जा सकता है. यह फॉर्मूला बीजेपी उत्तराखंड में भी आजमा चुकी है.

 

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