गुजरात के अमरेली जिले में गुरुवार शाम एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया. भावनगर–पोरबंदर पैसेंजर ट्रेन (59560) को पटरी से उतारने की कोशिश की गई, लेकिन लोको पायलट की सतर्कता से सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई. यह घटना खिजड़िया जंक्शन और चितल रेलवे स्टेशन के बीच खिजड़िया गांव के पास हुई.
ट्रेन जैसे ही इस हिस्से से गुजर रही थी, लोको पायलट की नजर रेलवे ट्रैक पर रखे पत्थरों और सीमेंट के पोल पर पड़ी. हालात को भांपते हुए लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए, जिससे ट्रेन समय रहते रुक गई और एक बड़ा हादसा टल गया.
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लोको पायलट की सतर्कता से बची यात्रियों की जान
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रैक पर जानबूझकर भारी पत्थर और सीमेंट पोल रखे गए थे, जिससे साफ संकेत मिलता है कि किसी ने ट्रेन को पटरी से उतारने की नीयत से यह हरकत की थी. यदि समय पर ब्रेक नहीं लगाए जाते, तो ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने की पूरी आशंका थी.
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं. जांच के लिए डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया और पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. अधिकारियों ने ट्रैक को पूरी तरह सुरक्षित करने के बाद ही आगे की रेल आवाजाही बहाल की.
पुलिस जांच में जुटी, अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
अमरेली के पुलिस अधीक्षक संजय खरात ने बताया कि यह एक गंभीर घटना है और एक बड़ा हादसा टल गया. शुरुआती जांच में यह स्थानीय शरारती तत्वों की करतूत लग रही है, लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है.
पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), रेलवे एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है. आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है.
रेल सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद रेलवे सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. पुलिस और रेलवे प्रशासन का कहना है कि दोषियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी साजिश को रोका जा सके. फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है.