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'सनातन मूल्यों को बचाए रखने में नाकाम रहने वाली सरकारें सत्ता में नहीं लौटती...', अमित शाह का बयान

शंकराचार्य विवाद के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के एक कार्यक्रम के दौरान बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि आदि शंकराचार्य ने संनातन धर्म के ध्वज को फहराने का काम किया है. जो सरकारें सनातन धर्म के मूल्यों को बचाए रखने में नाकाम रहती हैं, वो फिर सत्ता में कभी नहीं लौटतीं?

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शंकराचार्य के समर्थन में उतरे अमित शाह (Photo-PTI)
शंकराचार्य के समर्थन में उतरे अमित शाह (Photo-PTI)

देश में शंकराचार्य को लेकर चर्चा के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का अहम बयान सामने आया है. मंगलवार को शाह ने सनातन धर्म और उसकी परंपराओं को लेकर गांधीनगर में एक कार्यक्रम में कहा, जो सरकार सनातन धर्म के मूल्यों को बनाए रखने में नाकाम रहती हैं और उनके अनुयायियों को निराश करती हैं, वो देश में सत्ता में कभी नहीं लौटती?

शाह यहां स्वामीनारायण संप्रदाय के एक कार्यकर्म को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद विभिन्न सनातन परंपराओं के अनुयायियों ने लंबे समय तक ऐसी सरकार का इंतजार किया, जो सनातन धर्म को उचित महत्व दे और उसके सिद्धांतों के अनुसार शासन करे.

इससे पहले अमित शाह ने कहा कि गुजरात के अपने पुत्र और देश के पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार चल रही है. आजादी के बाद अनेक संप्रदाय के सभी अनुयायी एक ऐसी सरकार की राह देख रहे थे जो हमारे सनातन धर्म को महत्व देकर उसके आधार पर देश चलाए.

शंकराचार्य का जिक्र कर शाह ने दिया बयान

अमित शाह ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने भारतीय पहचान को स्थापित किया और यह सुनिश्चित किया कि सनातन धर्म का ध्वज चारों दिशाओं में खूब लहराता रहे. उन्होंने सनातन धर्म के ध्वज को बुलंद रखा. अमित शाह ने आदि शंकराचार्य की ग्रंथावली के गुजराती संस्करण का विमोचन करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वास जताया कि अद्वैत वेदांत के विद्वान के संपूर्ण ग्रंथ गुजरात के युवाओं के जीवन तथा कार्यों पर गहरा प्रभाव छोड़ेंगे.

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शंकराचार्य का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि इतने कम जीवनकाल में इतना कुछ हासिल कर पाने वाले लोग बहुत कम हैं. शंकराचार्य ने पैदल ही पूरे देश की यात्रा की और एक तरह से उन्होंने चलते-फिरते विश्वविद्यालय की भूमिका अदा की. केवल पैदल यात्रा ही नहीं की, बल्कि भारत की पहचान स्थापित की, चारों दिशाओं में चार मठों की स्थापना की, ज्ञान के केंद्र बनाए और यह सुनिश्चित किया कि सनातन धर्म का ध्वज चारों दिशाओं में ऊंचा फहराता रहे.

'संतों के मूल्यों से हटने वाली सरकार फिर नहीं लौटती'

उन्होंने कहा कि अपने जीवनकाल में आदि शंकराचार्य ने बौद्ध, जैन, कपालिक और तांत्रिक परंपराओं सहित विभिन्न दार्शनिक धाराओं के उदय के बीच सनातन धर्म को लेकर उत्पन्न संदेहों का समाधान किया. शाह ने कहा कि शंकराचार्य ने सभी प्रश्नों और आशंकाओं के तार्किक उत्तर दिए.

उन्होंने कहा कि संतों के आशीर्वाद से उन्हें पूरा भरोसा है कि जो सरकार सनातन धर्म के मूल्यों को कमजोर करेगी, वह दोबारा सत्ता में नहीं आएगी. उन्होंने कहा कि आज देश में ऐसी सरकार है, जो सनातन धर्म के सिद्धांतों के अनुसार शासन कर रही है और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत कर रही है.

भव्य राम मंदिर बना, कश्मीर से 370 हटा: शाह

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अमित शाह ने कहा कि 550 साल से हम सभी  इंतजार कर रहे थे कि बाबर के द्वारा तोड़ा हुआ राम मंदिर फिर बने. देखते-देखते भव्य मंदिर बना और भगवा ध्वज लहरा रहा है. धारा 370 हटाकर कश्मीर को हमारा अपना बनाने का काम भी नरेंद्र भाई के नेतृत्व में हुआ, तीन तलाक समाप्त हुए, सभी धर्मों के लिए यूसीसी- कॉमन सिविल कोड की शुरुआत भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर दी है. 

उन्होंने कहा कि योग, आयुर्वेद, गौ सेवा और अनेक तीर्थों का उद्धार जैसै की बद्रीनाथ, केदारनाथ, काशी विश्वनाथ, महाकाल और अब सोमनाथ इन सभी तीर्थों का उद्धार 11 सालों में हाथ पर लिया.  ये प्रयास सिर्फ आस्था नहीं बल्कि समाज कल्याण से जुड़े हैं. मुझे विश्वास है कि संतों के आशिर्वाद से सनातन धर्म के अनुयायी निराश हो ऐसा शासन इस देश में कभी नहीं आएगा.

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