अहमदाबाद में एक बिल्डर को हनीट्रैप में फंसाकर उससे 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने इस मामले में एक महिला और स्थानीय अखबार के संपादक को गिरफ्तार किया है, जबकि महिला का दोस्त अब भी फरार है.
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने इस मामले में हनीट्रैप में शामिल महिला सुनीता उर्फ ऐनी राजपूत और गुजरात प्रदेश NCP के उप प्रमुख और अहमदाबाद के स्थानीय अखबार के एडिटर अश्विन चौहान को गिरफ्तार किया है. इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा महिला का दोस्त बिनी गिल फिलहाल फरार है.
महिला ने कैसे बिल्डर को हनीट्रैप में फंसाया...
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच के एसीपी हार्दिक मांकड़िया ने बताया कि 12वीं पास सुनीता उर्फ ऐनी राजपूत अहमदाबाद में नेल आर्ट, मेहंदी और इमीग्रेशन ज्वेलरी का कारोबार करती है. उसने अहमदाबाद में रहने वाले बिल्डर को हनीट्रैप में फंसाया.
एसीपी के मुताबिक, सुनीता ने बिल्डर के साथ प्राइवेट मोमेंट्स के दौरान चुपचाप न्यूड वीडियो बना लिए. इसके कुछ समय बाद ये वीडियो गुजरात प्रदेश एनसीपी के उप प्रमुख और स्थानीय अखबार के संपाद अश्विन चौहान को सौंप दिए गए और उसे भी इस साजिश में शामिल किया गया.
इसके बाद अश्विन चौहान ने बिल्डर को वॉट्सएप पर न्यूड वीडियो भेजकर 10 करोड़ रुपये की मांग की और ब्लैकमेल करना शुरू किया. फिरौती की रकम नहीं देने पर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी भी दी गई.
जिम ट्रेनर दोस्त ने रची साजिश
एसीपी मांकड़िया ने बताया कि इस पूरे हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग की साजिश सुनीता के दोस्त बिनी गिल ने रची थी. बिनी गिल जिम ट्रेनर है. योजना के तहत स्पाई कैमरे के जरिए बिल्डर और सुनीता का न्यूड वीडियो रिकॉर्ड किया गया था.
बिल्डर लगातार धमकियों से परेशान हो गया, जिसके बाद उसने अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज करवाई. जांच के बाद साइबर क्राइम ब्रांच ने महिला सुनीता उर्फ ऐनी राजपूत और अश्विन चौहान को गिरफ्तार कर लिया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2), 351(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(e) के तहत केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. फरार आरोपी बिनी गिल की तलाश जारी है.