जी हां..नि:शब्द..स्तब्ध..भरोसा नहीं होता. इस स्पेशल शो का हमने यही नाम दिया है क्योंकि दिल्ली में एक आईआरएस की बेटी के साथ जैसा जघन्य अपराध हुआ है उसके बाद कहने को शब्द कम पड़ जाते हैं...दिल स्तब्ध हो जाता है..विश्वास नहीं होता कि एक सभ्य समाज में ऐसा भी हो सकता है...दिल्ली की एक पॉश कॉलोनी में आईआरएस के घर कितनी बड़ी वारदात होती है. देखिए पूरी कहानी.