Delhi Floods, Yamuna Above Danger Mark: देश की राजधानी नई दिल्ली में यमुना नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है. हालांकि, तीन दिन बाद यमुना नदी का रौद्र रूप अब शांत होने लगा है. गुरुवार रात 8 बजे से लगातार जलस्तर घटने लगा है. जलस्तर घटने के बाद भी यमुना अभी खतरे के निशान के ऊपर ही बह रही है. अभी भी दिल्ली के कई इलाके जलमग्न हैं. नदी के किनारे बस्तियों में अभी भी जल संकट बरकरार है. इसी के साथ आईटीओ, लाल किला, और रिंग रोड पर भी पानी का कब्जा नजर आ रहा है. यमुना में बाढ़ का एक कारण है हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी, लेकिन इसके अलावा भी कई कारण है जो यमुना में बाढ़ के लिए जिम्मेदार हैं.
हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जाना वाला पानी: दिल्ली में यमुना नदी का पानी बढ़ने का पहला कारण है हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा जाने वाला पानी. सीडब्ल्यूसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी को पिछले वर्षों की तुलना में दिल्ली पहुंचने में कम समय लगने लगा है. यही वजह है कि इस बार दिल्ली में यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ा और राजधानी दिल्ली में बाढ़ के हालात बन गए.
बाढ़ के मैदानों पर अतिक्रमण: दिल्ली में बाढ़ जैसी स्थिति का एक अन्य कारण है बाढ़ क्षेत्र का अतिक्रमण है जिससे पानी गुजरने के लिए बहुत कम जगह बचती है. बाढ़ के मैदानों पर निर्माण और अतिक्रमण के कारण ही दिल्ली को बाढ़ की स्थिति का सामना करना पड़ा है.
22 किलोमीटर स्ट्रेच पर 20 से ज्यादा पुल: एक्सपर्ट्स की मानें तो 22 किलोमीटर की नदी पर 25 पुल के निर्माण के कारण पानी का प्रवाह रुकता है. यमुना में वजीराबाद से ओखला तक 22 किलोमीटर के दायरे में 20 से ज्यादा पुल पानी के बहाव को बाधित करते हैं, जिससे नदी के तल में गाद जमा हो जाती है और रेतीले चट्टानों का निर्माण हो जाता है.
लगातार भारी बारिश: एक्सपर्ट ने दिल्ली में यमुना के उग्र होने का प्राथमिक कारण भी बताया. उन्होंने कहा, कम समय में अत्यधिक बारिश होने से हालात बिगड़ जाते हैं. हालांकि, समान मात्रा में लंबे समय तक भी पानी गिरे, तब भी ऐसी स्थिति पैदा नहीं होगी. क्योंकि इससे पानी को गुजरने के लिए समय मिल जाता है. यदि कम मात्रा में वर्षा होती है तो भी बहाव का स्तर ऊंचा हो सकता है.
नदी का तला ऊंचा होना: साउथ एशिया नेटवर्क ऑन डैम्स, रिवर्स, पीपल (SANDRP) के एसोसिएट कोऑर्डिनेटर भीम सिंह रावत ने कहा कि यमुना के जल स्तर में जबरदस्त बढ़ोत्तरी का एक प्रमुख कारण गाद जमना है, जिसके कारण नदी का तल ऊंचा हो गया है. यह भी एक वजह है कि दिल्ली में यमुना का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है.
यमुना नदी में बाढ़ के कारण दिल्ली के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति है तो कई इलाकों में पानी का कब्जा है. यमुना नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है. आइए जानते हैं यमुना में बाढ़ से दिल्ली के कौन-कौन से इलाके प्रभावित हैं.
>बेला रोड, राजकिशोर रोड, सिविल लाइंस
>रेड फोर्ट (आउटर रिंग रोड)
>यमुना बाजार
>ISBT कश्मीरी गेट
>शंकराचार्य रोड
>मजनू का टीला
>खड्डा कॉलोनी
>बाटला हाउस
>विश्वकर्मा कॉलोनी
>शिव विहार
>खजूरी कॉलोनी
>सोनिया विहार
>किंग्सवे कैंप, जीटीबी नगर
>राजघाट के पास जलभराव
>वजीराबाद
>भैरव रोड
>मोनेस्ट्री मार्केट
ट्रैफिक पुलिस ने जारी की ये एडवाइजरी
यमुना में बाढ़ के कारण कई रास्ते डाइवर्ट किए गए हैं. रास्ते डाइवर्ट होने से यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा ट्विटर हैंडल से जरूरी जानकारी अपडेट की जा रही है. इस जानकारी के मुताबिक, शांति वन से गीता कॉलोनी फ्लाईओवर की ओर यातायात की आवाजाही प्रतिबंधित है.
गीता कॉलोनी फ्लाईओवर से राजघाट, आईएसबीटी और कश्मीरी गेट की तरफ भी यातायात की आवाजाही प्रतिबंधित है.
वहीं, विकास मार्ग से आईटीओ की तरफ जाने वाले रास्ते पर भी ट्रैफिक प्रभावित है. ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को अक्षरधाम-निजामुद्दीन- आईटीओ से होते हुए एनएच-24 के रास्ते जाने की सलाह दी है.
रेलवे अंडर ब्रिज पर पानी भरने के कारण भैरव रोड को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है. बता दें कि लाल किले के पास जलभराव के चलते पर्यटकों के लिए इसे आज बंद कर दिया गया है.