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पहली परीक्षा में पास हुए मनोज तिवारी, क्या बनेंगे दिल्ली के अगले CM?

मनोज तिवारी अब तक साफ-सुथरी छवि बनाने में कामयाब रहे हैं. ऐसे में उनकी बढ़ती लोकप्रियता केजरीवाल को टक्कर दे सकती है.

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने एमसीडी चुनाव में बीजेपी को मिल रही जीत के लिए प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी को धन्यवाद दिया है. भोजपुरी सुपरस्टार से राजनेता बने मनोज तिवारी ने खुद को भी इस जीत से जोड़ा है. पीएम मोदी ने भी जीत पर टीम दिल्ली (जिसके मुखिया तिवारी हैं) को बधाई दी है. ऐसे में दिल्ली की राजनीति में यह सवाल आज नहीं तो कल उठना लाजिमी है कि क्या वर्तमान में सांसद मनोज तिवारी बीजेपी के अगले सीएम उम्मीदवार होंगे? सवाल यह भी है कि उम्मीदवार बनने के बाद क्या वे दिल्ली के अगले मुख्यमंत्री बन पाएंगे? आइए नजर डालते हैं उन वजहों पर जो मनोज तिवारी के पक्ष में जाती हैं और उन्हें एक मजबूत कैंडिडेट के तौर पर आगे करती हैं...

पूर्वांचल से होने का फायदा, हिंदीभाषियों में बेहद लोकप्रिय
एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में बिहार-यूपी के करीब 30 से 40 लाख लोग रहते हैं. मनोज तिवारी इन लोगों का वोट बीजेपी को दिलवाने में बेहतरीन कड़ी हो सकते हैं. सेलिब्रेटी होने की वजह से काफी लोग उनसे इमोशनल जुड़ाव रखते हैं.

माना ये थी पहली परीक्षा
एमसीडी चुनाव के रिजल्ट के बाद तिवारी से जब पूछा गया कि आप क्यों नर्वस और इमोशनल हैं तो उन्होंने कहा कि पहली बार इतनी बड़ी परीक्षा का रिजल्ट आ रहा है. मैं प्रदेश अध्यक्ष हूं, इसलिए नर्वस हूं.

बीजेपी के प्रयोग पर खरे उतरे
पिछले दो विधानसभा चुनाव में बीजेपी के सीएम उम्मीदवार रहे किरण बेदी और हर्षवर्धन पार्टी को जिताने के लिए कुछ खास नहीं कर पाए. ऐसे में दिल्ली बीजेपी को एक नए चेहरे की तलाश थी, जो पूरी पार्टी को एक साथ लेकर चले. ऐसे में मनोज तिवारी को पार्टी अध्यक्ष बनाया गया. कुछ मीडिया रिपोर्ट में इसे बीजेपी का एक नया और प्रयोगवादी दांव बताया गया था और यह सफल रहा.

एमसीडी में जमकर प्रचार किया
मनोज तिवारी ने एमसीडी चुनाव के दौरान खूब पसीना बहाया और जमकर प्रचार किया. ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच उनकी छवि मजबूत हुई. जीत के लिए उनको क्रेडिट दिया जाना भी इस बात को दिखाता है.

साफ सुथरी छवि, केजरीवाल से ले सकते हैं टक्कर
अगर बतौर गायक कुछ सेक्सिस्ट भोजपुरी गानों को छोड़ दें तो मनोज तिवारी अब तक साफ-सुथरी छवि बनाने में कामयाब रहे हैं. ऐसे में उनकी बढ़ती लोकप्रियता केजरीवाल को टक्कर दे सकती है.

इमोशन को राजनीति में जोड़ने में माहिर
राजनीति में लोगों के इमोशन को समझना बेहद जरूरी है. एमसीडी चुनाव का रिजल्ट आने के दौरान मनोज तिवारी ने इंटरव्यू में कहा- जवान शहीद हो गए, सुकमा में जो घटना हुई है उससे दुखी हूं. हर जीत की खबर से जवानों की शहादत याद आ रही है. वो जो हमारे बच्चे शहीद हुए उनकी याद आ रही है. हम दिल्ली के लोगों को नमन करेंगे, कोटि-कोटि धन्यवाद देंगे. पर जीत सेलिब्रेट करने के लिए नगाड़े न बजाएं.

केजरीवाल पर बोल रहे सीधा हल्ला
मनोज तिवारी सीधे तौर पर केजरीवाल पर हल्ला बोल रहे हैं. बीजेपी की जीत के रुझान आने के बाद तिवारी ने कहा- 'हमने भी कहा कि एमसीडी का काम स्टैंडर्ड नहीं है. पर इसके जिम्मेदार केजरीवाल हैं. वो राजनीति कर रहे हैं, अपनी राजनीति चमका रही है. केजरीवाल के लिए यह एक रेफरेंडम है. केजरीवाल ने हमेशा से राइट टू रीकॉल की बात की है, दिल्ली के राइट टू रीकॉल को मानें और इस्तीफा लिखने की तैयारी शुरू कर दें.'

बड़े अंतर से जीते लोकसभा का चुनाव
बीजेपी की विरोधी पार्टी सपा की ओर से मनोज तिवारी 2009 में गोरखपुर से लोकसभा चुनाव लड़े थे. लेकिन तिवारी ने 2013 में बीजेपी ज्वाइन कर लिया और 2014 में नॉर्थ ईस्ट दिल्ली से एक लाख 40 हजार की मार्जिन से सांसद का चुनाव जीत लिया. इसके दो साल बाद ही उन्हें दिल्ली बीजेपी का अध्यक्ष बना दिया गया.

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