दिल्ली में गुंडाराज की तस्वीरें सामने आई हैं. यूसुफ सराय में एक केमिस्ट को जमकर पीटा जाता है. उसकी पिटाई करने वाले दो गनर और दो वर्दीधारी होते हैं. कसूर बस इतना है कि केमिस्ट का पास मांगी गई दवा नहीं थी.
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि एक महिला ने पहले फोन पर उससे गाली गलौज की. फिर उसी के लोगों ने दुकान में घुसकर उसकी पिटाई की. पुलिस को इस मामले की सूचना देने के बाद भी मामले में ढिलाई देखने को मिल रही है. इस पूरी घटना की तस्वीरें सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई हैं.

आखिर ये मारपीट करने वाले गार्ड किसके थे इस बात की तफ्तीश करते करते दिल्ली आजतक संवाददाता एक वरिष्ठ एसपी नेता के घर तक पहुंचे और वहां बदसलूकी के शिकार हुए. दरअसल जिस नंबर पर केमिस्ट को फोन कर धमकाया गया, फिर गार्ड भेज कर पिटवाया गया, उसी नंबर की जब पड़ताल की तो पता चला कि उसे समाजवादी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता की बहू यूज कर रही हैं.

तो क्या सपा नेता की बहू ने गार्ड भेजकर केमिस्ट को पिटवाया. क्या केमिस्ट के साथ हैवानियत करने वाले ये गार्ड सपा नेता के हैं? इन सवालों के जवाब जानने के लिये जब हमारे संवाददाता जब उस सपा नेता के घर पहुंचे और उनकी बहू का पक्ष जानना चाहा तो वहां मौजूद गार्डों ने दिल्ली आजतक संवाददाता आशीष महर्षि से बदसलूकी की और दरवाजा बंद कर दिया.
जानें क्या है 17 सितंबर का पूरा घटनाक्रम
दिल्ली के यूसुफ सराय इलाके की एक दवा दुकान में और दिनों की तरह ही सबकुछ सामान्य था. रात का वक्त था और इस मेडिसिन शॉप को बंद करने की ही तैयारी थी. दो मिनट बाद यानी 10 बजकर 32 मिनट पर सफारी सूट में एक शख्स दुकान के भीतर दाखिल होता है. वो काउंटर पर मौजूद केमिस्ट से किसी खास दावा की मांग करता है जिसके बाद केमिस्ट उसे बताता है कि दवा नहीं है. लेकिन उसका एक दूसरा ऑप्शन देता है. .इसके बाद दवा खरीदने वाला शख्स किसी को फोन लगाता है, सारी बात बताता है. इसके बाद वो फोन केमिस्ट को देता है. फोन पर दूसरी ओर से किसी महिला की आवाज आती है और वो केमिस्ट से अभद्र तरीके से बात करती है, गालियां देती है. जिसके बाद केमिस्ट नंबर नोट कर फोन वापस कर देता है.

उस शख्स के जाने के बाद केमिस्ट अपने लैंडलाइन से दुबारा महिला को फोन लगाता है, लेकिन फिर से उस महिला की ओर से वैसी ही हरकत होती है. ये सबकुछ हो जाने के बाद दवा की दुकान पर सब सामान्य हो जाता है. लेकिन रात 10.57 पर कुछ लोग धड़ाधड़ दुकान में घुसते हैं. पहले दो गनर, उनके साथ दो वर्दीधारी. घुसते ही वो केमिस्ट पर पिल पड़ते हैं और लात घूसों की बरसात कर देते हैं.

ये सबकुछ चलता रहता है, दुकान में अफरातफरी मच जाती है, किसी को कुछ समझ नहीं आता. चारों लोग केमिस्ट को काउंटर से घसीट कर बाहर ले जाते हैं. इसके बाद की तस्वीरें सीसीटीवी में नहीं हैं लेकिन पीड़ित केमिस्ट ने बताया कि बाहर ले जाकर भी उन्होंने उसे जमकर पीटा और बाद में गाड़ी में बैठकर चले गए. वापस आने के बाद केमिस्ट ने पुलिस को सूचना दी. दिल्ली के यूसुफ सराय की इन तस्वीरों ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. सवाल ये कि जिस दिल्ली में कानून और पुलिस को लेकर हजार दावे किए जाते हैं, हर घटना के बाद वादा किया जाता है, उसी राजधानी दिल्ली में खुलेआम गुंडाराज चल रहा है.