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दिल्ली में रविवार और सरकारी छुट्टियों के दिन भी खुलेंगे कोरोना वैक्सीनेशन सेंटर

दिल्ली सरकार के आदेश के मुताबिक दिल्ली के सभी वैक्सीनेशन सेंटर पर रविवार और सरकारी छुट्टियों के दिन भी वैक्सीन लगाई जाएगी. सरकारी आदेश में सभी DM और CDMO को इसके लिए जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिये गये हैं.

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दिल्ली में वैक्सीनेशन बढ़ाने पर फोकस (फाइल फोटो)
दिल्ली में वैक्सीनेशन बढ़ाने पर फोकस (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • केंद्र के नए निर्देश के बाद लिया गया है निर्णय
  • कोरोना के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए वैक्सीनेशन
  • सरकारी और प्राइवेट दोनों पर नियम होगा लागू

दिल्ली सरकार ने भी अप्रैल के महीने में अब रोजाना यानी हफ़्ते के सातों दिन टीकाकरण करने का फैसला किया है. केंद्र सरकार के निर्देश पर दिल्ली सरकार ने इससे सम्बंधित एक औपचारिक आदेश जारी कर दिया है. देश की राजधानी में कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर वैक्सीनेशन की रफ़्तार तेज़ करने और वैक्सीनेशन कवरेज बढ़ाने के लिये सभी सरकारी और प्राइवेट वैक्सीनेशन सेंटर पर ये नियम लागू होगा.

दिल्ली सरकार के आदेश के मुताबिक दिल्ली के सभी वैक्सीनेशन सेंटर पर रविवार और सरकारी छुट्टियों के दिन भी वैक्सीन लगाई जाएगी. सरकारी आदेश में सभी DM और CDMO को इसके लिए जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिये गये हैं.

आपको बता दें कि दिल्ली में 2 अप्रैल को शाम 6 बजे तक कुल 52408 लोगों को वैक्सीन लगाई गयी हैं. इनमें पहला डोज लगवाने वालों की संख्या 47873 रही. वहीं 60 साल से अधिक उम्र के 14253 और 45 साल से 59 साल तक के 30764 लोगों का टीकाकरण हुआ. साथ ही 1834 फ्रंट लाइन वर्कर्स, और 1022 हेल्थकेयर वर्कर्स का भी टीकाकरण किया गया. दिल्ली में शुक्रवार को वैक्सीन का दूसरा टीका पाने वालों की संख्या 4536 दर्ज की गयी.

सरकार का दावा है कि दिल्ली में वैक्सीनेशन सेंटर की संख्या बढ़ाकर 600 के आस-पास कर दी गई है. दिल्ली में सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक वैक्सीन लगवाई जा सकती है. साथ ही दिल्ली में ऐसे लोग जो वैक्सीनेशन के लिए पंजीकरण नहीं करा पाए हैं, उन्हें दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे के बीच किसी भी वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर वैक्सीन लगवाने की सुविधा दी गयी है.

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वैक्सीनेशन को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के सामने कुछ मांगें भी रखी हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें दो तरह की दिक्कतें आ रही हैं. एक यह कि केंद्र सरकार ने गाइड लाइन जारी की है कि जहां भी वैक्सीनेशन होगा, वह केवल अस्पताल और हेल्थ फैसिलिटी के अंदर ही हो सकता है. उसमें शुरू में यह डर था कि अगर वैक्सीनेशन के कुछ दुष्परिणाम हो गए या कोई रिएक्शन हो गया, तो वहां पर तुरंत कोई सुविधा होनी चाहिए, ताकि उसका उपचार हो सके. लेकिन अब वैक्सीनेशन करते हुए 3 महीने हो चुके हैं. कल हम लोगों ने 71 हजार लोगों का वैक्सीनेशन किया है, जिसमें केवल 4 लोगों को थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन सभी लोग एक-दो घंटे में ठीक होकर घर चले गए.

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि "अब यह साफ हो गया है कि वैक्सीन सुरक्षित है. अब यदि केंद्र सरकार हमें बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन करने की अनुमति दे दे, तो हम कम्युनिटी सेंटर, स्कूलों आदि में सुविधाएं बनाकर युद्ध स्तर पर वैक्सीनेशन शुरू कर सकते हैं. अगर युद्ध स्तर पर वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया गया है, तो मुझे लगता है कि कोरोना को नियंत्रित करने में हम लोगों को काफी मदद मिलेगी. उसके बारे में उचित व्यवस्था की जा सकती है कि जहां-जहां पर भी वैक्सीनेशन करेंगे, वहां पर एंबुलेंस और तुरंत फर्स्ट एड का इंतजाम कर दें. अगर किसी को कोई रिएक्शन होता है, तो उसको देखभाल करने का इंतजाम किया जा सकता है, लेकिन अगर हम नाॅन हेल्थ फैसिलिटी में इसकी अनुमति नहीं देते हैं, तो इसकी एक सीमा है, जिसके बाहर हम नहीं जा पाएंगे"

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सीएम अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा कि 45 साल की उम्र वाला क्लाॅज हटा कर सारी जनता को एक साथ युद्ध स्तर पर वैक्सीनेशन करने का कार्य कर देना चाहिए, ताकि हम सब लोगों को इस कोरोना से निजात मिल सके, मैं उम्मीद करता हूं कि केंद्र सरकार इस पर गौर करेगी और राज्य सरकारों को अपने स्तर पर वैक्सीनेशन करने की इजाजत देगी.

 

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