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शाहनवाज हुसैन पर रेप का आरोप लगाने वाली महिला को मिली मोहलत, SC ने दस्तावेज दाखिल करने का समय दिया

पिछली सुनवाई (22 अगस्त) में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें केंद्र और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री शाहनवाज हुसैन के खिलाफ रेप करने और जान से मारने की धमकी के आरोप में एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा था. आज सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर रोक बरकरार रखी.

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शाहनवाज हुसैन के खिलाफ कथित रेप के मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. शाहनवाज हुसैन के खिलाफ कथित रेप के मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है.

बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन के खिलाफ रेप और धमकाने के मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर सुनवाई हुई. इस दौरान SC ने हुसैन की ओर से दायर याचिका पर फौरी राहत बरकरार रखी है. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने शिकायतकर्ता महिला को हाईकोर्ट का ओरिजनल डॉक्यूमेंट्स फाइल करने के लिए समय दिया है. इस मामले में अब अगली सुनवाई दशहरा की छुट्टियों के बाद यानी 12 अक्टूबर को होगी. 

बता दें कि पिछली सुनवाई (22 अगस्त) में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें केंद्र और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री शाहनवाज हुसैन के खिलाफ रेप करने और जान से मारने की धमकी के आरोप में एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा था. आज सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर रोक बरकरार रखी. 

मामले में 12 अक्टूबर को होगी सुनवाई

सुनवाई के दौरान CJI ने कहा कि अगर आप कुछ फाइल करना चाहते हैं तो हम आपको फाइल करने की अनुमति देंगे. हम इस मामले को 12 अक्टूबर के लिए लिस्टेड करेंगे. वहीं, हुसैन की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि आज ही फाइल करना चाहिए. इस पर बेंच ने कहा कि शिकायतकर्ता के वकील ने कुछ दस्तावेजों की कॉपी रिकॉर्ड पर रखने का आग्रह किया है. ऐसे में उन्हें समय दिया जाता है. याचिकाकर्ता को जवाब देने के लिए समय दिया गया है. 

एक सप्ताह में दस्तावेज फाइल करें: SC

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, महिला को कुछ मटेरियल डॉक्यूमेंट दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है. चीफ जस्टिस उदय उमेश ललित और जस्टिस एस. रवींद्र भट की बेंच ने शिकायतकर्ता महिला के वकील की दलीलों को सुना. महिला के वकील ने आरोप लगाया कथित अपराध से संबंधित कुछ मटेरियल फैक्ट को बीजेपी नेता के वकील द्वारा छुपाया गया है और वह चाहते हैं कि इसे सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड में लाएं. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि 'यदि आप कुछ फाइल करना चाहते हैं तो कृपया उसे एक सप्ताह में फाइल करें. हम मामले को सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर को सूचीबद्ध करेंगे.'

इससे पहले 18 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट ने बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन के खिलाफ रेप समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था. हाईकोर्ट ने पुलिस को इस मामले में 3 महीने में जांच पूरी करने के लिए कहा था.

ये आरोप हैं शाहनवाज हुसैन पर...

दिल्ली की रहने वाली महिला ने जनवरी 2018 में निचली अदालत में याचिका दायर कर हुसैन के खिलाफ रेप का केस दर्ज कराने की अपील की थी. महिला का आरोप था कि शाहनवाज हुसैन ने छतरपुर फार्म हाउस में उसके साथ दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी दी. इससे पहले पुलिस ने निचली अदालत में रिपोर्ट पेश कर कहा था कि शाहनवाज हुसैन के खिलाफ मामला नहीं बनता. निचली अदालत ने अपने फैसले में पुलिस के तर्क को खारिज कर दिया था. अदालत ने कहा था कि महिला की शिकायत में संज्ञेय अपराध का मामला है. कोर्ट ने जुलाई 2018 में शाहनवाज के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया था. इस फैसले को बीजेपी नेता ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. हालांकि, अब शाहनवाज को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है.

 

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