डीयू में बीटेक की कट-ऑफ और एडमिशन को लेकर बवाल जारी है. एडमिशन के पहले ही दिन महाराजा अग्रसेन कॉलेज में बीटेक कंप्यूटर साइंस और इलेक्ट्रॉनिक्स में सीटें फुल हो गई. लिहाजा दूसरे दिन कॉलेज ने कट-ऑफ में नाम आने वाले छात्रों के एडमिशन लेने से मना कर दिया गया. जो डीयू के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है.
महाराजा अग्रसेन कॉलेज में शुक्रवार को बीटेक के एडमिशन को लेकर प्रिंसिपल और अभिभावकों के बीच जमकर हंगामा हुआ. दरअसल एडमिशन के दूसरे ही दिन कॉलेज प्रशासन ने बीटेक कंप्यूटर साइंस और इलेक्ट्रानिक्स के एडमिशन अचानक बंद कर दिए. हालांकि पहली कट-ऑफ में नाम आने के बाद नियमों के हिसाब से कॉलेज को छात्रों को एडमिशन देना चाहिए, लेकिन प्रिंसिपल अभिभावकों को समझाते रहे कि उनको अंदाजा नहीं था कि पहले ही दिन तय सीटों से ज्यादा एडमिशन हो जाएंगे.
दरअसल पिछले साल तक जिन कोर्सेस में एडमिशन तीन कट-ऑफ के बावजूद भी सीटें नहीं भर पाती थी, इस बार उन्हीं कोर्स में एडमिशन के पहले ही दिन सीटें भर गईं. कोर्सेस की मांग को देखते हुए इस बार कॉलेज प्रशासन कट-ऑफ का सही अंदाजा लगाने में असफल रहा और एडमिशन बंद कर दिये गये.
दाखिला लेने वाले अभिभावकों ने आरोप लगाया कि कॉलेज की कटऑफ में नाम है, लेकिन कॉलेज ने दाखिला देने से इनकार कर दिया. दरअसल अग्रसेन कॉलेज में बीटेक कंप्यूटर साइंस के लिए जनरल कैटेगरी में 30 सीटें निर्धारित है, जबकि पहले दिन ही कॉलेज को तय सीटों के दोगुने एडमिशन करने पड़े. हालांकि डीयू की एडमिशन गाइडलाइंस के मुताबिक कॉलेज ऐसा नहीं कर सकता. कट-ऑफ में नाम आने पर कॉलेज को तीन दिनों के भीतर छात्र को एडमिशन देना ही पड़ेगा, चाहे सीट हो या ना हों. स्टूडेंट वेलफेयर डीन जेएम खुराना ने कहा, 'यह गलत है, अगर कॉलेज ऐसा कर रहा है तो कॉलेज से बात की जाएगी.'