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काबुल से दिल्ली पहुंची स्पेशल फ्लाइट, 110 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया

काबुल के शोर बाजार स्थित गुरुद्वारा गुरु हर राय में आतंकवादी हमले के दौरान मारे गए स्थानीय सुरक्षा गार्ड महरम अली के परिवार को भी एयरलिफ्ट कर लाया गया है।

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काबुल से एयरलिफ्ट कर लाए जाते भारतीय.
काबुल से एयरलिफ्ट कर लाए जाते भारतीय.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • भारतीय विश्व मंच ने पीएम मोदी और उनकी टीम को धन्यवाद दिया
  • श्री गुरुग्रंथ साहिब जी और हिंदू धार्मिक किताबें भी लाईं गईं

भारत सरकार की ओर से भेजी गई एक स्पेशल फ्लाइट करीब 110 लोगों को एयरलिफ्ट कर काबूल से दिल्ली लाया गया. फ्लाइट शुक्रवार दोपहर बाद इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर पहुंची. फ्लाइट में भारतीयों के साथ वहां फंसे अफगान नागरिक भी शामिल रहे. 

इसके अलावा अफगानिस्तान के एतिहासिक गुरुद्वारों से पवित्र तीन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी और 5वीं शताब्दी के असामाई मंदिर से रामायण, महाभारत और भगवद गीता सहित हिंदू धार्मिक ग्रंथों को भी लाया गया. गुरु ग्रंथ साहिब जी को महावीर नगर स्थित अर्जन देव जी गुरुद्वारा जबकि हिंदू धार्मिक ग्रंथों को फरीदाबाद के असामाई मंदिर ले जाया गया.

काबुल से एयरलिफ्ट कर लाए गए भारतीय.

बता दें कि काबूल के शोर बाजार स्थित गुरुद्वारा गुरु हर राय में आतंकवादी हमले के दौरान मारे गए स्थानीय सुरक्षा गार्ड महरम अली के परिवार को भी एयरलिफ्ट कर लाया गया है. उनके अलावा लाए गए अन्य अफगानी परिवारों का यहां सोबती फाउंडेशन की ओर से पुनर्वास किया जाएगा.

इंडियन वर्ल्ड फॉर्म के अध्यक्ष पुनित सिंह चंडोक ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी टीम को इस सहयोग के लिए धन्यवाद देता हूं. मैं विशेष रूप से विदेश मंत्रालय, भारत सरकार, विशेष रूप से जेपी सिंह, श्वेता सिंह और डॉ साहिल कुमार को उनके अथक प्रयासों के लिए धन्यवाद देता हूं.

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