सफदरजंग अस्पताल के 1000 रेजिडेंशियल डॉक्टर हड़ताल पर चले गए है. डॉक्टरों का आरोप है कि अस्पताल में उनके लिए कोई सुविधाएं नहीं है. डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कोई हल नहीं निकला तो फिर वो ओपीडी में नहीं जाएंगे.
वहीं डॉक्टरों की हड़ताल से अस्पताल के मरीजों को परेशानी हो रही है. ओपीडी बंद होने के कारण अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को लौटना पड़ रहा है. हालांकि मरीजों के लिए इमरजेंसी और आईसीयू सुविधाएं चल रही हैं.
डॉक्टरों का कहना है, 'कहने को तो यह दिल्ली और देश के बड़े अस्पताल सफदरजंग के रेजिडेंशियल डॉक्टर है, लेकिन हॉस्पिटल में इनके रहने के लिए जगह तक नहीं है. सरकारी अव्यवस्था से दुखी डॉक्टर हड़ताल पर चले गए.'

डॉक्टरों का आरोप है कि हॉस्पिटल में लगभग 1000 रेजिडेंस डॉक्टर काम करते हैं, लेकिन रहने के लिए महज 80 कमरे हैं. ठीक से खाने के लिए कैंटरिंग की व्यवस्था नहीं है. वहीं पीने के पानी के लिए भी काफी दिक्कत है. डॉक्टरों के मुताबिक उन्होंने कई बार प्रशासन से बात की, लेकिन कोई रास्ता नहीं निकला.

अस्पताल के सीनियर रेजिडेंस डॉक्टर समीर प्रभाकर के अनुसार, 'यहां हॉस्पिटल में हमारे रहने के लिए जगह नहीं है. पीने के लिए पानी नहीं है. हमने प्रशासन से कई बार बात की, लेकिन कोई हल नहीं निकला.'
अस्पताल में सबसे बड़ी समस्या महिला डॉक्टरों की सुरक्षा की है. यहां की रेजिडेंस महिला डॉक्टरों ने साफ कहा कि वो अस्पताल में खुद को बिल्कुल सुरक्षित नहीं मानती हैं. डॉ. दिव्या सेहरा कहती हैं, 'यहां लेडिज डॉक्टर की सुरक्षा के लिए कोई व्यवस्था नहीं है.'
हड़ताली डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि अगर उनकी समस्याओं का कोई हल प्रशासन ने नहीं निकाला तो वो ओपीडी की हड़ताल कर देंगे.