दिल्ली के लोगों के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. क़रीब 15 सालों बाद एक बार फिर से दिल्ली में इंटरस्टेट बस सेवा होने जा रही है. 2010 में इंटरस्टेट बस सेवा को बंद कर दिया गया था. ये फैसला इसलिए लिया गया था क्योंकि दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (DTC) अपनी सभी बसों को सीएनजी में बदल दिया था और गंतव्य स्थान पर इस ईंधन की कमी थी. जिसकी वजह से संचालन में समस्या आ रही थी.
दिल्ली में इंटरस्टेट बस सेवा की शुरुआत 25 सितंबर से होने जा रही है. अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में तीन बसें चलाई जाएंगी, जो पास के इलाके बरौत तक जाएंगी. इसे ट्रायल के तौर पर देखा जा रहा है.
सरकार की शुरुआती योजना के अनुसार पहले तय किया गया कि सभी 17 रूट्स पर इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी. हालांकि, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी की वजह से सरकार की ओर से योजना में बदलाव किया गया.
सरकार ने योजना बनाई है कि बस की सेवाएं वेट-लीज मॉडल पर चलाई जाएंगी. इसका मतलब है कि निजी कंपनियां BS-VI कंप्लायंट बसें उपलब्ध कराएंगी और सरकार के साथ रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर समझौता होगा.
17 गंतव्य होंगे कवर
शुरुआत में फ़िलहाल 17 गंतव्य स्थानों को तय किया गया है. इनमें उत्तराखंड के ऋषिकेश, हरिद्वार, देहरादून शहर हैं. हरियाणा का पानीपत शहर. उत्तर प्रदेश में अयोध्या, लखनऊ और मुरादाबाद जाएगी. पंजाब और जम्मू में भी डीटीसी की बस जाएगी. अमृतसर, चंडीगढ़ और जम्मू में इंटरस्टेट बस सेवा बहाल की जाएगी. बसें एयर कंडीशनर (एसी) से लैस होंगी और 12 मीटर लंबी होंगी.
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किराया कितना होगा?
डीटीसी की इंटरस्टेट बस सेवा के लिए अभी किराया तय नहीं हुआ है. हालांकि, अधिकारियों के कहना है कि किराया मौजूदा बस सेवाओं से कम और यात्रियों के लिए किफायती होगा.
दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने क्या कहा?
दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर उत्सव मनाया जाएगा और इसी क्रम में इंटरस्टेट बस सेवा को जनता के लिए समर्पित की जाएगी.
इनपुट: पीटीआई