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स्टाफ कॉलोनियों को विकसित कर फंड जुटाएगी एमसीडी

इसी कड़ी में नॉर्थ एमसीडी अब उसकी मॉडल टॉउन और आजादपुर में बनी एमसीडी स्टाफ कॉलोनी को कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के तौर पर री डेवलप करेगी. इसके अलावा मिंटो रोड पर भी कमर्शियल प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा.

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प्रतीकात्मक फोटो
प्रतीकात्मक फोटो

बीते 5 सालों से कमजोर हालत के चलते आर्थिक रूप से बदहाल हो चुकी नॉर्थ एमसीडी अब आय बढ़ाने के अलग- अलग स्त्रोतों को खोज रही है. इसी कड़ी में नॉर्थ एमसीडी अब उसकी मॉडल टॉउन और आजादपुर में बनी एमसीडी स्टाफ कॉलोनी को कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के तौर पर री डेवलप करेगी. इसके अलावा मिंटो रोड पर भी कमर्शियल प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा.

इन सभी योजनाओं को नॉर्थ एमसीडी ने मंजूरी दे दी है. नॉर्थ एमसीडी स्थायी समिति अध्यक्ष तिलकराज कटारिया के मुताबिक, इन योजनाओं से निगम को करोड़ों रुपये का राजस्व मिलेगा जो आर्थिक रूप से कमज़ोर हो चुकी नॉर्थ एमसीडी के लिए संजीवनी साबित होगी.

मल्टीलेवल पार्किंग योजना

नॉर्थ एमसीडी में स्थायी समिति अध्यक्ष तिलकराज कटारिया ने बताया कि इन योजनाओं के अलावा उत्तरी दिल्ली में बड़े पैमाने पर पार्किंग की समस्या को ध्यान में रखते हुए मल्टीलेवल पार्किंग योजनाओं को भी मंजूरी दी गई है. कटारिया ने बताया कि ओल्ड राजेंद्र नगर और करोल बाग ज़ोन के तहत आने वाले शास्त्री पार्क कॉम्प्लेक्स में बनाने की योजना को भी मंजूरी दे दी गई है.

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DMRC से भी होगी कमाई

तिलकराज कटारिया ने बताया कि इसके अलावा में दिल्‍ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन यानी डीएमआरसी से सर्विस चार्ज की बजाय प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने का प्रस्ताव पहले ही पास किया जा चुका है. कटारिया के मुताबिक, दिल्‍ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन अभी तक अपनी सम्पत्तियों को केंद्र सरकार की सम्पत्ति बताकर 5 फीसदी की दर से सर्विस चार्ज दे रहा है. लेकिन इस प्रस्ताव के पारित होने से अब डीएमआरसी से नॉर्थ एमसीडी हाउस टैक्स लेगी जिससे नॉर्थ एमसीडी को सालाना करीब 80 करोड़ रुपये की आय होगी.

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